भारत ने तलाश लिया अमेरिकी बाजार का विकल्प? चीन को निर्यात 39% बढ़ा, BRICS देशों ने खरीदा $19.9 अरब का सामान
अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव के बीच भारत के निर्यात का रुख बदलता दिख रहा है। चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका को एक्सपोर्ट तेजी से बढ़ा है। चीन को निर्यात 39 फीसदी चढ़ा। क्या BRICS भारत के लिए नया बड़ा बाजार बन रहा है? समझिए पूरी तस्वीर।
BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी।
भारत का चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस को निर्यात अप्रैल-अगस्त 2026-27 में 34 फीसदी बढ़कर 19.9 अरब डॉलर पहुंच गया। इसमें चीन की बड़ी भूमिका रही। चीन को भारत का निर्यात 39 फीसदी बढ़ा। इससे साफ है कि भारत के निर्यात में BRICS देशों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
ये सब उन रिपोर्ट्स के बीच हो रहा है, जिसमें भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्ते असहज हैं। अमेरिका ने ऐसे कानून को मंजूरी भी दी है, जिसमें रूस से ज्यादा तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैक्स लगाने का प्रावधान है। इसमें भारत और चीन का नाम भी शामिल है।
वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने PTI को बताया कि भारत का BRICS देशों के साथ कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। खासकर चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस से निर्यात में अच्छी तेजी दिख रही है। ये चारों BRICS के शुरुआती संस्थापक देश हैं।
चीन को निर्यात में 39% की तेजी
चारों देशों में चीन भारत के लिए सबसे बड़ा बाजार रहा। अप्रैल-अगस्त 2026-27 में चीन को भारत का निर्यात 39 फीसदी बढ़कर 9.6 अरब डॉलर हो गया। एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा इससे काफी कम था।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, चारों देशों को भारत का निर्यात अप्रैल-अगस्त 2025-26 में 14.9 अरब डॉलर था। इस साल यह बढ़कर 19.9 अरब डॉलर हो गया। यानी एक साल में करीब 5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। भारत के कुल निर्यात में भी इन चार देशों की हिस्सेदारी बढ़ी है। अप्रैल-अगस्त 2026-27 में इनकी हिस्सेदारी 9.2 फीसदी रही। एक साल पहले यह 8.1 फीसदी थी।
दक्षिण अफ्रीका में सबसे तेज बढ़ोतरी
चारों देशों में दक्षिण अफ्रीका को भारत के निर्यात में सबसे तेज बढ़ोतरी हुई। अप्रैल-अगस्त 2026-27 में निर्यात 58 फीसदी बढ़ा। ब्राजील को निर्यात में 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं, रूस को भारत का निर्यात 11 फीसदी बढ़ा। मंत्रालय के मुताबिक, BRICS के इन प्रमुख देशों में निर्यात की रफ्तार पूरे BRICS समूह के मुकाबले काफी तेज रही है।
अधिकारी ने कहा कि भारत अब BRICS देशों में सिर्फ अपना व्यापार बढ़ा नहीं रहा है। इन देशों की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ उसकी कारोबारी हिस्सेदारी भी बढ़ रही है। ये बाजार भारत की एक्सपोर्ट स्ट्रैटेजी के लिए अहम होते जा रहे हैं।
BRICS में अब कितने देश?
BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। 2024 में इसका विस्तार हुआ। इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब शामिल हुए।
इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी समूह का हिस्सा बना। पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को BRICS का पार्टनर देश बनाया गया।
जापान को निर्यात 43% बढ़ा
BRICS देशों के अलावा जापान को भी भारत के निर्यात में तेज बढ़ोतरी हुई। अप्रैल-अगस्त 2026-27 में जापान को निर्यात 43 फीसदी बढ़कर 3.43 अरब डॉलर हो गया।
इसमें मिनरल फ्यूल का बड़ा योगदान रहा। इसका निर्यात 76 फीसदी बढ़ा। यानी करीब 23.17 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स और एल्युमीनियम के निर्यात में भी अच्छी तेजी रही।
इटली को निर्यात में 30% की बढ़ोतरी
इटली को भारत का निर्यात भी तेजी से बढ़ा। अप्रैल-अगस्त 2026-27 में यह 3.92 अरब डॉलर रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 3.02 अरब डॉलर था। यानी करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
दक्षिण कोरिया को निर्यात 22% बढ़ा
दक्षिण कोरिया को भारत का निर्यात पांच महीने में 22 फीसदी बढ़कर 3.21 अरब डॉलर हो गया। इसमें कई सेक्टर का योगदान रहा। मिनरल्स, फ्यूल, इलेक्ट्रॉनिक्स, एल्युमीनियम, आयरन एंड स्टील और केमिकल्स के निर्यात में बढ़ोतरी हुई।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, भारत अब दक्षिण कोरिया के लिए औद्योगिक कच्चे माल, ऊर्जा उत्पादों और इंटरमीडिएट गुड्स का अहम सप्लायर बन रहा है। दक्षिण कोरिया ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। ऐसे में भारत से इन उत्पादों की मांग बढ़ रही है।