कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (BTA) की बातचीत अच्छे ढंग से चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष जल्द ही एक निष्पक्ष और संतुलित समझौते पर अमल करेंगे।
कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (BTA) की बातचीत अच्छे ढंग से चल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष जल्द ही एक निष्पक्ष और संतुलित समझौते पर अमल करेंगे।
पिछले हफ्ते वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल की अगुवाई में भारतीय टीम वाशिंगटन गई थी, जहां उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के साथ तीन दिन तक व्यापार वार्ता की। यह बैठक 17 अक्टूबर को खत्म हुई।
गोयल ने बर्लिन में दूरदर्शन को कहा, 'हम अमेरिका के साथ लगातार संवाद में हैं। हाल ही में वाणिज्य सचिव अमेरिका गए और उन्होंने अमेरिकी समकक्षों से मुलाकात की। बातचीत प्रगति पर है और हमें उम्मीद है कि जल्द ही निष्पक्ष और संतुलित समझौता होगा।'
समझौते की समयसीमा और चरण
इस साल फरवरी में, भारत और अमेरिका के नेताओं ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत करें। दोनों पक्षों ने पहले चरण को अक्टूबर-नवंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। अब तक पांच राउंड की बातचीत पूरी हो चुकी है।
पिछले महीने गोयल ने न्यूयॉर्क में भी व्यापार वार्ता के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था।
टैरिफ तनाव के बीच वार्ता
यह वार्ता इसलिए अहम है क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत की ऊंची टैरिफ लगा रही है। इसमें रूस से क्रूड इंपोर्ट पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। भारत ने इसे 'अन्यायपूर्ण, असंगत और अनुचित' बताया था।
बातचीत थोड़े समय के लिए रुकी थी, लेकिन फिर अमेरिकी सहायक व्यापार प्रतिनिधि साउथ और सेंट्रल एशिया ब्रेंडन लिंच ने 16 सितंबर को नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों से बैठक की। दोनों पक्षों ने इस समझौते को जल्दी और दोनों के लिए लाभकारी रूप से पूरा करने का लक्ष्य तय किया।
व्यापार समझौते का लक्ष्य
प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर से अधिक करना है।
अमेरिका लगातार चौथे साल भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना हुआ है। 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार का मूल्य 131.84 अरब डॉलर था। इसमें 86.5 अरब डॉलर का निर्यात शामिल है। यह भारत के कुल वस्तु निर्यात का लगभग 18 प्रतिशत, आयात का 6.22 प्रतिशत और कुल व्यापार का 10.73 प्रतिशत है।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, हाई टैरिफ के असर से सितंबर में भारत का अमेरिका निर्यात 11.93 प्रतिशत घटकर 5.46 अरब डॉलर आ गया। वहीं, आयात 11.78 प्रतिशत बढ़कर 3.98 अरब डॉलर पहुंच गया।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।