कैशबैक से लेकर प्रीमियम तक! जानें भारत में कितने प्रकार के क्रेडिट कार्ड्स उपलब्ध हैं?

अपडेटेड May 05, 2026 पर 6:02 PM
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भारत में फिलहाल क्रेडिट कार्ड हासिल करना काफी आसान हो गया है. क्योंकि ज्यादातर लेंडर्स वीडियो KYC और डॉक्युमेंट्स को ऑनलाइन अपलोड करने की सुविधा के साथ एक पूरी तरह से डिजिटल प्रोसेस ऑफर कर रहे हैं. इसके जरिए आपको बिना कोई फिजिकल डॉक्युमेंट्स जमा किए कुछ ही घंटों में अप्रूवल मिल सकता है. क्रेडिट कार्ड मिलने की संभावनाएं इनकम लेवल, क्रेडिट स्कोर और एम्प्लॉयमेंट हिस्ट्री जैसे फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं.

क्रेडिट कार्ड के फंडामेंटल्स 

भारत में अलग-अलग प्रकार के क्रेडिट कार्ड्स के बारे में जानने से पहले उसके बेसिक कॉन्सेप्ट को समझना जरूरी है. क्रेडिट कार्ड के जरिए आप खरीदारी करने के लिए पैसे उधार ले सकते हैं या तय क्रेडिट कार्ड लिमिट तक कैश भी निकाल सकते हैं. इस बाद यह अमाउंट ड्यू डेट तक चुकाना होता है. अगर समय सीमा के अंदर पूरे बैलेंस का पेमेंट नहीं किया जाता है, तो उस पर ब्याज लगाया जाएगा.


क्रेडिट कार्ड एक अहम फाइनेंशियल टूल है, जिसके कई फायदे हैं. इसके जरिए मिलने वाले बेनिफिट्स का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने और अपने फाइनेंस को अच्छे तरीके से मैनेज करने के लिए सही क्रेडिट कार्ड चुनना जरूरी है. मनीकंट्रोल अपने ऐप और वेबसाइट के जरिए अपने पार्टनर बैंकों के अलग-अलग क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराता है. क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर आपकी जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए इन ऑफर की मदद से आप अपने लिए सबसे अच्छा क्रेडिट कार्ड चुन सकते हैं.

मनीकंट्रोल एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जहां यूजर्स पार्टनर बैंकों के अलग-अलग क्रेडिट कार्ड ऑफर्स को चेक कर सकते हैं और अपनी जरूरतों के अनुसार सबसे अच्छा क्रेडिट कर चुन सकते हैं

भारत में क्रेडिट कार्ड के प्रकार 

ऐतिहासिक रूप से डेबिट कार्ड्स के दबदबे वाले भारतीय मार्केट में अब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है. इसमें फॉर्मल क्रेडिट ऑप्शंस में हुई बढ़ोतरी और देश में निवेश करने वाले ग्लोबल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस का योगदान माना जा रहा है. देश में रिवॉर्ड और यहां तक कि रुपे क्रेडिट कार्ड के जरिए हाल ही में शुरू की गई यूपीआई फीचर जैसे बेनिफिट्स ज्यादा से ज्यादा लोगों को आकर्षित कर रहे हैं.

अलग-अलग प्रकार के क्रेडिट कार्ड्स पर एक नजर - 

कैशबैक क्रेडिट कार्ड्स : ये कार्ड्स खर्च किए गए अमाउंट का कुछ फीसदी कैशबैक के रूप में वापस देते हैं, जो खर्च करते हुए बचत करने का एक आसान तरीका है. कैशबैक क्रेडिट कार्ड्स दो प्रकार के होते हैं. इनमें फ्लैट-रेट कैशबैक कार्ड्स और टियर्ड कैशबैक कार्ड शामिल हैं. फ्लैट-रेट कैशबैक कार्ड हर एक खरीद पर एक फिक्स्ड कैशबैक परसेंटेज प्रदान करते हैं, चाहे खर्च की केटेगरी कुछ भी हो. जबकि टियर्ड कैशबैक कार्ड खरीद के प्रकार या प्रोडक्ट केटेगरी के आधार पर अलग-अलग कैशबैक दरें प्रदान करते हैं.

लाइफटाइम-फ्री क्रेडिट कार्ड्स : लाइफटाइम-फ्री क्रेडिट कार्ड पर कोई एनुअल फीस या जॉइनिंग चार्जेज नहीं लगते हैं. इन कार्ड्स के यूजर्स अपने ट्रांजैक्शंस पर कैशबैक या रिवॉर्ड पॉइंट अर्जित करने का लाभ भी उठा सकते हैं, जो इनके आकर्षण को और बढ़ा देता है.

रिवॉर्ड पॉइंट्स क्रेडिट कार्ड्स : खर्च किए गए अमाउंट के आधार पर ये कार्ड्स रिवॉर्ड पॉइंट प्रदान करते हैं, जिन्हें कैशबैक, ट्रांजैक्शंस और प्रोडक्ट कैटलॉग सहित कई चीजों के लिए रिडीम किया जा सकता है. इन पॉइंट्स की वैल्यू कार्ड कंपनियों की रिडेम्पशन पॉलिसी के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. कुछ कार्ड खास स्पेंडिंग केटेगरीज के लिए बोनस रिवॉर्ड पॉइंट भी ऑफर करते हैं.

ट्रेवल क्रेडिट कार्ड्स : ट्रेवल क्रेडिट कार्ड्स अक्सर यात्रा करने वालों के लिए तैयार किए जाते हैं, जिनमें बैंक एक्सक्लूसिव बेनिफिट्स ऑफर करने के लिए ट्रेवल कंपनियों के साथ पार्टनरशिप करते हैं. ये कार्ड यात्रा से संबंधित खरीदारी, जैसे - एयरलाइन टिकट, रेलवे टिकट या ट्रेवल पैकेज की बुकिंग के लिए रिवॉर्ड पॉइंट प्रदान करते हैं. इस दौरान मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स को भविष्य में ट्रेवलिंग खर्चों के लिए रिडीम किया जा सकता है. 

फ्यूल क्रेडिट कार्ड्स : इसके लिए क्रेडिट कार्ड कंपनियां ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ हाथ मिलाती हैं. ये उन लोगों के लिए तैयार किए गए हैं, जो फ्यूल पर बड़ी रकम खर्च करते हैं. फ्यूल क्रेडिट कार्ड्स पार्टनर पेट्रोल पंपों से फ्यूल खरीदने पर फ्यूल पॉइंट्स या कैशबैक के रूप में रिवॉर्ड देते हैं. ये एक निश्चित लिमिट तक फ्यूल सरचार्ज में छूट भी दे सकते हैं.

प्रीमियम क्रेडिट कार्ड्स : प्रीमियम क्रेडिट कार्ड उन लोगों के लिए हैं, जो खर्च करते समय लग्जरी और एक्सक्लूसिविटी चाहते हैं. इन कार्ड्स के साथ कई बेहतरीन सुविधाएं भी मिलती हैं, जैसे कि गोल्फ कोर्स में फ्री एंट्री, डेडिकेटेड कंसीयज, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, रेस्टोरेंट में छूट, इंश्योरेंस कवरेज, 5-स्टार होटलों में छूट और बहुत कुछ. ये कार्ड अक्सर नियमित क्रेडिट कार्ड्स की तुलना में ज्यादा ज्वाइनिंग और रिन्यूअल फीस लेते हैं. इनके एप्लिकेंट्स के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया भी कड़े होते हैं.

को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स : यह भारत में एक लोकप्रिय ऑप्शन है, जहां बैंक जाने-माने रिटेलर्स या सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ मिलकर स्पेशलाइज्ड कार्ड ऑफर करते हैं. ये कार्ड संबंधित ब्रांड से खरीदारी करने पर एक्सक्लूसिव बेनिफिट्स और डिस्काउंट ऑफर करते हैं.

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भारत में सबसे अच्छा कार्ड कैसे चुनें 

क्रेडिट कार्ड चुनते समय अपनी खर्च करने की आदतों, फाइनेंशियल लक्ष्यों और उन फीचर्स पर विचार करें, जो आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं. इस दौरान कोई भी फैसला लेने से पहले क्रेडिट कार्ड लिमिट, एनुअल फीस, ब्याज दरों और बेनिफिट्स को भी चेक करें. ऐसा कार्ड चुनें, जो आपके पैसे खर्च करने के तरीके के अनुसार हो. इस बीच अलग-अलग कार्ड्स के रिवॉर्ड, कैशबैक और दूसरे बेनिफिट्स को देखें और उनकी तुलना करें. चेक करें कि कार्ड के बेनिफिट्स एनुअल फीस की लागत से ज्यादा न हों.

मनीकंट्रोल एक ऐसा प्लेटफॉर्म प्रदान करता है, जहां यूजर्स पार्टनर बैंकों के अलग-अलग क्रेडिट कार्ड ऑफर्स को चेक कर सकते हैं और अपनी जरूरतों के अनुसार सबसे अच्छा क्रेडिट कर चुन सकते हैं.  

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