कोटक महिंद्रा बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ अशोक वासवानी इस साल के अंत में पद छोड़ देंगे। बैंक ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंज को 27 जून को बताया। उसने कहा कि वह टॉप लीडरशिप में बदलाव की तैयारी कर रहा है, क्योंकि वासवानी ने कनफर्म कर दिया है कि कार्यकाल 31 दिसंबर, 2026 को खत्म होने के बाद वह दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे।
बैंक नए एमडी और सीईओ की तलाश करेगा
इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों की दी गई जानकारी में कहा गया है कि कोटक महिंद्रा बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 27 जून को हुई बैठक में वासवानी के फैसले पर विचार हुआ। बोर्ड ने नए एमडी एवं सीईओ की तलाश की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई। बैंक ने कहा है कि नए एमडी एवं सीईओ की नियुक्ति आरबीआई की तरफ से तय डेडलाइन तक हो जाएगी।
फाइनेंशियल सेक्टर में बदलाव के वक्त किया बैंक का नेतृत्व
वासवानी ने कोटक महिंद्रा बैंक का नेतृत्व ऐसे वक्त किया है , जब भारत का फाइनेंशियल सेक्टर बड़े बदलाव से गुजर रहा था। इस साल के अंत तक उनके पद छोड़ने से उस दौर का अंत हो जाएगा, जिस दौरान बैंक ने बैंकिंग सेक्टर में कॉम्पटिशन का सामना करने के साथ ही रेगुलेटरी स्तर पर बदलावों का सामना किया।
अभी नए एमडी और सीईओ की नियुक्ति के लिए किसी नाम पर चर्चा नहीं
कोटक महिंद्रा बैंक के बोर्ड ने ऐसे किसी उम्मीदवार का नाम नहीं बताया, जिसे नया एमडी एवं सीईओ बनाने के बारे में विचार हुआ हो। उसने कहा कि उसे उम्मीद है कि तय समय पर नया लीडरशिप आएगा ताकि ऑपरेशन और स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन में निरंतरता बनी रहे। वासवानी 1 जनवरी, 2024 को उदय कोटक की जगह बैंक के एमडी और सीईओ बने थे।
वासवानी ने तीन दशकों तक सिटीग्रुप में किया है काम
कोटक महिंद्रा बैंक के बॉस की जिम्मेदारी संभालने से पहले वासवानी तीन दशकों तक सिटीग्रुप में थे। वह बार्कलेज में भी काम कर चुके हैं। वह बार्कलेज में ग्लोबल कंज्यूमर, प्राइवेट, कॉर्पोरेट और पेमेंट बिजनेस के सीईओ थे। वह ग्रुप के एग्जिक्यूटिव कमेटी के भी सदस्य थे।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से की है पढ़ाई
उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ बॉम्बे के Sydenham College से इकोनॉमिक्स और अकाउंटेंसी के साथ बैचलर ऑफ कॉमर्स की पढ़ाई की है। वह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी हैं। उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एग्जिक्यूटिव एजुकेशन पूरा किया है।