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Meta ने Facebook और Instagram पर फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम बंद किया, अब इस मॉडल पर करेगी काम

मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा (Meta) ने ऐलान किया है कि वह फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) पर थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम बंद कर रही है। मेटा ने ब्लॉग पोस्ट में बताया, 'हम अपना थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम बंद कर कम्युनिटी नोट्स मॉडल की तरफ बढ़ रहे हैं। इसकी शुरुआत अमेरिका से हो रही है।' मेटा का कहना है कि इस मॉडल का विस्तार अन्य क्षेत्रों तक होगा। हालांकि, इसके लिए कोई समयसीमा नहीं बताई गई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 07, 2025 पर 10:29 PM
Meta ने Facebook और Instagram पर फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम बंद किया, अब इस मॉडल पर करेगी काम
फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने कहा कि उसने यह फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि एक्सपर्ट फैक्ट चेकर की अपनी कुछ कमियां हैं।

मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा (Meta) ने ऐलान किया है कि वह फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) पर थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम बंद कर रही है। मेटा ने ब्लॉग पोस्ट में बताया, 'हम अपना थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम बंद कर कम्युनिटी नोट्स मॉडल की तरफ बढ़ रहे हैं। इसकी शुरुआत अमेरिका से हो रही है।' मेटा का कहना है कि इस मॉडल का विस्तार अन्य क्षेत्रों तक होगा। हालांकि, इसके लिए कोई समयसीमा नहीं बताई गई है।

कम्युनिटी नोट्स मॉडल ऐसा मॉडल है, जिसे एलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने पॉपुलर बनाया है। मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर मेटा जोएल कैपलान ने बताया, ' हमने इस मॉडल को X प्लेटफॉर्म पर सफल होते देखा है, जहां वे अपनी कमयुनिटी को यह तय करने का अधिकार देते हैं कि कौन सी पोस्ट संभावित तौर पर गुमराह करने वाली है और इसके लिए कब ज्यादा संदर्भ की जरूरत है।'

फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने कहा कि उसने यह फैसला इसलिए लिया है, क्योंकि एक्सपर्ट फैक्ट चेकर की अपनी कुछ कमियां हैं और वे किसी एक पक्ष की तरफ हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस कारण बहुत अधिक कंटेंट फैक्ट चेकिंग के दायरे में आ जाते हैं। जुकरबर्ग ने एक वीडियो अनाउंसमेंट में कहा कि हम अपनी रूट्स की ओर वापस जा रहे हैं और गलतियों को कम करने, अपनी नीतियों को सरल बनाने और अपने प्लेटफॉर्म पर फ्री एक्सप्रेशन का ऑप्शन ला रहे हैं। ये बदलाव Facebook, Instagram और Threads पर दिखाई देंगे।

मेटा के फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम को 2016 में लॉन्च किया गया था, जो गलत सूचना की पहचान करने और लेबल करने के लिए पोलिटिफैक्ट और FactCheck.org जैसे थर्ड -पार्टी फैक्ट चैकर पर निर्भर थी। जुकरबर्ग ने इस प्रोग्राम की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें एरर होने की संभावना अधिक थी।

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