NCLT ने उत्तम गल्वा के लिए आर्सेलर मित्तल (arcelor mittal ) की इंडियन इकाई के 4,050 करोड़ रुपये के रिजॉल्यूशन प्लान को एप्रूव कर दिया है। NCLT की मुंबई ब्रांच ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। आर्सेलर मित्तल ने अपनी इंडियन सब्सिडियरी के जरिए उत्तम गल्वा स्टील्स (Uttam Galva Steels) के लिए यह रिजॉल्यूशन प्लान पेश किया था। उत्तम गल्वा पर बहुत ज्यााद कर्ज है। इस मामले की जानकारी रखने वाले कई सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। NCLT के आदेश की डिटेल कॉपी का इंतजार है।
इनसॉल्वेंसी प्रोसेस के जरिए यह आर्सेलर मित्तल की तीसरी खरीदारी होगी। इससे पहले वह Essar Steel और Odisha Slurry Pipeline Infrastructure को इनसॉल्वेंसी प्रोसेस के जरिए खरीद चुकी है। इस बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए कंपनी से संपर्क नहीं हो सका। आर्सेलर मित्तल इंग्लैंड की दिग्गज कंपनी है। भारतीय मूल के लक्ष्मी मित्तल इस कंपनी के प्रमुख हैं।
NCLT ने अक्टूबर 2002 में उत्तम गल्वा के खिलाफ इनसॉल्वेंसी की की याचिका स्वीकार कर ली थी। इसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने दाखिल किया था। पिछले साल जून में उत्तम गल्वा को कर्ज देने वाले बैंकों ने लक्ष्मी मितल की इंडियन इकाई की तरफ से पेश रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी थी। दूसरी स्टील कंपनियों ने भी उत्तम गल्वा के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट पेश किए थे। इनमें JSQW Steel और Jindal Steel and Power शामिल हैं।
आर्सेलर मित्तल के 2018 में एस्सार स्टील के लिए बोली लगाने पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा था कि आर्सेलर को उन सभी कंपनियों के नॉन-परफॉर्मिंग लोन चुकाने होंगे, जिनमें इसकी हिस्सेदारी है। इसके बाद कंपनी ने उत्तम गल्वा को लोन देने वाले कई बैंकों के पैसे चुका दिए थे। इस तरह वह उत्तम गल्वा को सबसे ज्यादा कर्ज देने वाली कंपनी बन गई थी। उसने उत्तम गल्वा में अपनी 30 फीसदी हिस्सेदारी भी इस कंपनी के प्रमोटर्स को बेच दी थी ताकि वह एस्सार स्टील के लिए बोली लगा सके।
आर्सेलर मित्तल-निप्पॉन स्टील इंडिया की नजरें इंडिया में स्टील की मजबूत मांग पर है। उसने गुजरात में अपने प्लांट की उत्पादन क्षमता 2026 तक बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन करने का प्लान बनाया है। इसकेलिए वह 5.1 अरब डॉलर निवेश करेगी।
अभी आर्सेलरमित्तल और निप्पॉन स्टील कॉर्पोरेशन के इस वेंचर की उत्पादन क्षमता 76 लाख टन की है। कंपनी ने अपने इनवेस्टर्स को दिए प्रजेंटेशन में बताया है कि वह मार्च 2024 तक उत्पादन क्षमता में 10 लाख टन वृद्धि करना चाहती है। इसके लिए वह अपने मौजूदा प्लांट की क्षमता बढ़ाएगी।