आपके साथ अक्सर ऐसा होता होगा की जब भी मॉल या बड़े रिटेल स्टोर पर जाकर खरीदारी करते हैं तो आपसे बिलिंग के लिए आपका मोबाइल नंबर मांगा जाता है। यदि आप पूछते हैं क्यों तो सामने वाला कहता है कि इसी पर आपका बिल भेज दिया जाएगा। साथ ही कई स्टोर लॉयल्टी प्रोग्राम में शामिल करने के लिए आपसे नंबर लेते हैं। लेकिन आप सोच रहे होंगे इससे हमें क्या समस्या हो सकती है? दरअसल, इस तरह से लिए गए मोबाइल नंबर के लीक होने का खतरा बना रहता है। लेकिन सरकार कुछ ऐसा कर रही है कि रिटेल स्टोर आपसे जबरन मोबाइल नंबर नहीं ले सकेंगे।
भारत में जल्द लागू होंगे नए डेटा सुरक्षा नियम
भारत में जल्द ही डेटा सुरक्षा के नए नियम लागू हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन नियमों के बाद बड़े रिटेल स्टोर से मोबाइल नंबर लेना आसान नहीं रहेगा। दरअसल, नए ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ के तहत लोगों की प्राइवेसी को लेकर सख्ती बरती जाएगी। अभी तक कई बार स्टोर पर मोबाइल नंबर जोर से बोलना पड़ता है, जिससे जानकारी लीक होने का खतरा रहता है। कुछ लोग अपनी मर्जी से नंबर दे भी देते हैं, लेकिन अब कंपनियों को ग्राहकों का डेटा लेते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना होगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो इसे नियम का उल्लंघन माना जाएगा।
ग्राहकों को यह बताना होगा
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ फर्म के एंड एस पार्टनर्स के एस चंद्रशेखर ने मीडिया को बताया कि मोबाइल नंबर जोर से बताने की बजाय कीपैड से एंट्री करने जैसे छोटे बदलावों से प्राइवेसी को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया, कानून कहता है कि ग्राहकों को बताना होगा कि उनका डेटा क्यों लिया जा रहा है। इसे कब तक रखा जाएगा और कब डिलीट किया जाएगा। अब 'इंप्लाइड कंसेंट' नहीं चलेगा - हर कंसेंट 'एक्सप्लिसिट' होना चाहिए।
विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम पर सख्ती?
नए नियम लागू होने के बाद कंपनियां या बड़े रिटेल स्टोर ग्राहकों को मोबाइल नंबर नहीं देने पर सर्विस देने से मना नहीं कर सकती हैं। हालांकि, कुछ जरूरी मामले में आपको मोबाइल देना पड़ सकता है, जैसे- मोबाइल रिचार्ज, डिजी यात्रा वेरिफिकेशन के लिए। वहीं, अब रिटेलर्स को ग्राहकों को ईमेल से रसीद भेजने या प्रिंटेड कॉपी देने जैसे विकल्प देने होंगे।
इसके अलावा, विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम को अब यह साफ बताना होगा कि ग्राहक का मोबाइल नंबर किस उद्देश्य से लिया जा रहा है। साथ ही, यह गारंटी देनी होगी कि ग्राहक का डेटा न तो दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा और न ही किसी थर्ड पार्टी को बेचा या शेयर किया जाएगा।
कहां-कहां लागू होगा यह नियम
इस नए नियम को सिर्फ बड़े रिटेल स्टोर्स पर नहीं लागू किया जाएगा, बल्कि विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम और हाउसिंग सोसाइटियों पर भी लागू किया जाएगा। क्योंकि यहां पर भी ग्राहकों से मोबाइल नंबर मांगा जाता है। नए कानून के लागू होने के बाद उन्हें सिस्टम से चलने वाले तरीके अपनाने होंगे।