अमेरिकी फिनटेक कंपनी पेपाल होल्डिंग्स ने भारत में अपनी अलग-अलग टीमों से लगभग 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी लागत कम करने के लिए दुनिया भर में अपने कर्मचारियों की संख्या में बदलाव कर रही है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने Moneycontrol को बताया कि चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में मौजूद कंपनी के ऑफिस में टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, ऑपरेशन्स, पेमेंट्स और फाइनेंस जैसी टीमों से कर्मचारियों की छंटनी की गई है। PayPal इंडिया में 6,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं, जिसका मतलब है कि कुल कर्मचारियों की संख्या में लगभग 10 प्रतिशत की कटौती हुई है।
प्रभावित कर्मचारियों में से एक ने बताया, "हमें पहले से कोई सूचना नहीं मिली थी। सोमवार सुबह (31 अगस्त) एक कॉल में शामिल होने का इनवाइट मिला और उसमें भारत भर के ऑफिसों से कई कर्मचारी शामिल थे। हमें बताया गया कि हमें नौकरी से निकाला जा रहा है। कॉल के तुरंत बाद, हमारी एक्सेस (सिस्टम तक पहुंच) तुरंत खत्म कर दी गई।"
कर्मचारी ने आगे कहा, "उसके बाद हमें सिर्फ एक ऑफ-बोर्डिंग ईमेल मिला, जिसमें आगे की प्रक्रिया के बारे में बताया गया था। हमें नौकरी खोजने में कुछ मदद मिल रही है और सेवरेंस पे (नौकरी छूटने पर मिलने वाला मुआवजा) के तौर पर एक महीने की सैलरी देने का वादा किया गया था। लेकिन, हमें अभी तक उस बारे में और फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।"
भारत में अलावा दूसरे देशों में भी छंटनी की आशंका
एक और कर्मचारी ने बताया कि सोमवार सुबह एक ईमेल मिला, जिसमें लिखा था कि उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, PayPal में छंटनी अलग-अलग राउंड में की जा रही है। इसकी शुरुआत एशिया-पैसिफिक क्षेत्र (भारत सहित) से हुई है। इसके बाद सोमवार को अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका में कर्मचारियों के साथ मीटिंग्स हुईं। खबरों के मुताबिक, आयरलैंड में भी उसी दिन लगभग 164 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया। कर्मचारियों की यह संख्या उस देश में PayPal के कुल कर्मचारियों का लगभग 12 प्रतिशत है।
मई में हुआ था आगे 20 प्रतिशत जॉब कट किए जाने का ऐलान
कंपनी मैनेजमेंट ने मई में घोषणा की थी कि अगले दो से तीन वर्षों में वैश्विक कर्मचारियों की संख्या में 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। 2025 के अंत तक PayPal के वैश्विक कर्मचारियों की संख्या लगभग 23,800 थी। इस हिसाब से 20 प्रतिशत जॉब कट का मतलब है लगभग 4,760 नौकरियों पर असर पड़ना।