अमेरिकी IT कंपनी ओरेकल (Oracle) लागत कम करने के लिए एक और बार छंटनी कर सकती है। इससे भारत में हजारों कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। मामले की जानकारी रखने वालों का कहना है कि नौकरियों में यह कटौती बड़े पैमाने पर होगी। खबरों के मुताबिक, टीमों से अपना कुल बजट कम करने के लिए कहा गया है, जिससे कई विभागों में नौकरियों के जाने की संभावना बढ़ गई है। छंटनी के तहत कितने कर्मचारियों को निकाला जाएगा, यह अभी साफ नहीं है।
लेकिन कर्मचारियों के बीच चल रहे अंदरूनी अनुमानों से पता चलता है कि दुनिया भर में प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की संख्या 7,000 से 10,000 के बीच हो सकती है। Oracle के भारत में कितने कर्मचारी प्रभावित होंगे, इसका ठीक-ठीक पता नहीं चल पाया है।
छंटनी कब होगी, यह भी अभी तय नहीं है। कर्मचारियों से कहा गया है कि सितंबर की शुरुआत या मध्य में जॉब कट हो सकता है। अनिश्चितता ने कर्मचारियों, खासकर सीनियर स्टाफ और ज्यादा सैलरी पाने वालों के बीच चिंता बढ़ा दी है। मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने मनीकंट्रोल को बताया कि यह प्रक्रिया किसी खास टीम तक सीमित नहीं है और अलग-अलग विभागों के कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। Oracle ने संभावित छंटनी की सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं की है।
यह संभावित छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब Oracle क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस में भारी निवेश कर रही है। साथ ही लागत को मैनेज करने और बदलती बिजनेस प्राथमिकताओं के हिसाब से अपने कर्मचारियों की संख्या को एडजस्ट करने की कोशिश में भी है। कहा जा रहा है कि ओरेकल में मैनेजरों और टीमों से लागत कम करने के लिए कहा गया है, और कर्मचारियों की संख्या में कटौती इस प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। इस वजह से कर्मचारियों के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि किन कामों या लोगों पर असर पड़ सकता है।
मई 2025 से मई 2026 तक निकाले 21000 कर्मचारी
पिछले कुछ समय में Oracle ने कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती की है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि 31 मई को खत्म हुए 12 महीनों में उसने 21,000 नौकरियां कम कीं। इससे उसके वैश्विक कर्मचारियों की संख्या 13 प्रतिशत घटकर लगभग 141,000 रह गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रीस्ट्रक्चरिंग का कुल असर दुनिया भर में लगभग 30,000 पदों पर पड़ा है।