RBI का 4 को-ऑपरेटिव बैंकों पर बड़ा एक्शन, लगाया 7.50 लाख रुपये तक का जुर्माना

केंद्रीय बैंक RBI ने बैंक एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव बैंक पर 1 लाख रुपये, नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक पर 2 लाख रुपये, रोहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक पर 1.50 लाख रुपये और गुजरात राज्य कर्मचारी को-ऑपरेटिव बैंक पर 7.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है

अपडेटेड Jul 01, 2024 पर 11:03 PM
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों का पालन नहीं करने पर चार को-ऑपरेटिव बैंकों पर जुर्माना लगाया है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों का पालन नहीं करने पर चार को-ऑपरेटिव बैंकों पर जुर्माना लगाया है। RBI ने आज 1 जुलाई को यह जानकारी दी। RBI ने एक विज्ञप्ति में बताया कि इन बैंकों में गुजरात राज्य कर्मचारी को-ऑपरेटिव बैंक, रोहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक और बैंक एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव बैंक शामिल हैं।

केंद्रीय बैंक ने बैंक एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव बैंक पर 1 लाख रुपये, नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक पर 2 लाख रुपये, रोहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक पर 1.50 लाख रुपये और गुजरात राज्य कर्मचारी को-ऑपरेटिव बैंक पर 7.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

गुजरात राज्य कर्मचारी को-ऑपरेटिव बैंक पर जुर्माने की ये है वजह


गुजरात राज्य कर्मचारी को-ऑपरेटिव बैंक पर इसलिए जुर्माना लगाया गया क्योंकि इसने अपनी एनुअल रिपोर्ट में बैलेंस शीट के ‘नोट्स टू अकाउंट्स’ में RBI द्वारा लगाए गए जुर्माने का खुलासा नहीं किया।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसने RBI के निरीक्षण अधिकारी को बैंक के मामलों से संबंधित दस्तावेज और पूरी जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई। इसने प्रुडेंशियल इंटर-बैंक (काउंटरपार्टी) एक्सपोजर लिमिट का उल्लंघन किया और मेच्योर टर्म डिपॉजिट पर मेच्योरिटी डेट से लेकर उनके री-पेमेंट की तारीख तक लागू दर पर ब्याज का भुगतान नहीं किया।

नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक और बैंक एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव बैंक पर जुर्माना क्यों?

विज्ञप्ति में कहा गया है कि नेशनल को-ऑपरेटिव बैंक पर RBI की KYC से जुड़ी कुछ गाइडलाइन का पालन न करने के चलते जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही बैंक एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव बैंक को भी KYC मानदंडों पर RBI के निर्देशों का पालन न करने के लिए दंडित किया गया है।

रोहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक पर इसलिए लगा जुर्माना

आरबीआई ने कहा कि रोहिका सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक पर इसलिए जुर्माना लगाया गया क्योंकि वह सभी ग्राहकों का रिस्क कैटिगराइजेशन करने, अकाउंट्स के रिस्क कैटिगराइजेशन की समय-समय पर समीक्षा करने और KYC दस्तावेजों को समय-समय पर अपडेट करने में विफल रहा।

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