RBI monetary policy : वित्त वर्ष 2025 के लिए रियल GDP ग्रोथ अनुमान 7.2% पर बरकरार

GDP growth : आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2025 के लिए रियल GDP ग्रोथ अनुमान 7.2 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही का GDP अनुमान 7.2 फीसदी से घटकर 7 फीसदी कर दिया गया है

अपडेटेड Oct 09, 2024 पर 10:41 AM
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RBI Monetary Policy : वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही का GDP अनुमान 7.2 फीसदी से बढ़कर 7.4 फीसदी कर दिया गया है

RBI MPC OUTCOME : RBI ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया किया है। RBI एमपीसी की बैठक के नतीजों पर बात करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि RBI ने रेपो रेट 6.50% पर बरकरार रखा है। महंगाई पर बनी फ्रेमवर्क के 8 साल पूरे हो गए हैं। इस फ्रेम वर्क से कमिटी के रुख और फैसलों में मदद मिलेगी। ग्लोबल उतार-चढ़ाव के बावजूद संतुलित फैसले हुए हैं। महंगाई के दबाव को बेहतर तरीके से मैनेज किया गया है। RBI ने अपने रुख में बदलाव किया है। RBI ने रुख में बदलाव करके NEUTRAL कर दिया है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2025 के लिए रियल GDP ग्रोथ अनुमान 7.2 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही का GDP अनुमान 7.2 फीसदी से घटकर 7 फीसदी कर दिया गया है। जबकि वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही का GDP अनुमान 7.3 फीसदी से बढ़कर 7.4 फीसदी पर कर दिया गया है। इसी तरह वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही का GDP अनुमान 7.2 फीसदी से बढ़कर 7.4 फीसदी कर दिया गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही का रियल GDP अनुमान 7.2 फीसदी से बढ़कर 7.3 फीसदी कर दिया गया है।

वैश्विक संकट और  विपरीत मौसम से महंगाई का रिस्क


आरबीआई ने WITHDRAWAL OF ACCOMMODATION से NEUTRAL रुख  कर लिया है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि  रिटेल महंगाई के 4% लक्ष्य पर बने हुए हैं। सितंबर महंगाई के आंकड़े बढ़े हुए दिख सकते हैं। मौजूदा Macro-economic मापदंड संतुलित हैं। Base Impact के कारण सितंबर CPI में उछाल संभव है। FY25 रिटेल महंगाई अनुमान 4.5% पर बरकरार है। Q3FY25 रिटेल महंगाई अनुमान 4.7% से बढ़कर 4.8% किया गया है। Q4FY25 रिटेल महंगाई अनुमान 4.3% से घटकर 4.2% किया गया है। वहीं, Q1FY26 को रिटेल महंगाई अनुमान को 4.4% से घटकर 4.3% किया गया है। खाद्य और  मेटल के बढ़े दाम महंगाई बढ़ा सकते हैं। वैश्विक संकट और  विपरीत मौसम से महंगाई का रिस्क है। कमोडिटी दाम में तेजी से भी महंगाई बढ़ने का रिस्क है।

फ्लोटिंग रेट के लोन पर प्री-पेमेंट चार्ज नहीं

रुपए में उतार-चढ़ाव बाकी करेंसी के मुकाबले कम है। देश में बैंकिंग और NBFCs की स्थिति मजबूत है। हाल में कुछ अनसिक्योर्ड लोन की और से चुनौतियां दिखीं हैं। NBFCs ने कुछ वर्षों में अच्छा प्रदर्शन दिखाया है। लेंडर्स को नियम, निगरानी पर सख्ती बरतनी होगी। NBFCs को मौजूदा पैकेज की समीक्षा करनी होगी। जरूरत पड़ी तो NBFCs पर कदम उठाने में झिझक नहीं होगी। कुछ NBFCs,MFIs, HFCs को ज्यादा रिटर्न के पीछे पड़े हुए हैं। फ्लोटिंग रेट के लोन पर प्री-पेमेंट चार्ज नहीं होना चाहिए। ये NBFCs के फ्लोटिंग लोन पर RBI का बड़ा फैसला है।

 जुलाई, अगस्त में FDI का फ्लो बेहतर हुआ

आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि देश में विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार 70,000 करोड़ डॉलर के पार चला गया है। जुलाई, अगस्त में FDI का फ्लो बेहतर हुआ है।

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