Get App

RBI ने रेपो रेट के साथ CRR भी बढ़ाया, बैंकों के पास से एक झटके में कम हो जाएंगे 83,711 करोड़ रुपये!

RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को 50 फीसदी बढ़ाकर 4.50 फीसदी करने का फैसला किया है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 04, 2022 पर 4:02 PM
RBI ने रेपो रेट के साथ CRR भी बढ़ाया, बैंकों के पास से एक झटके में कम हो जाएंगे 83,711 करोड़ रुपये!
RBI ने रेपो रेट अब 4 फीसदी से बढ़ाकर 4.40 फीसदी कर दिया है

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार 4 मई को मॉनिटरी पॉलिसी में अहम बदलावों की अचानक से घोषणा कर सभी को हैरान कर दिया। RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट को तत्काल प्रभाव से 0.40 फीसदी बढ़ाकर 4.40 फीसदी करने का फैसला किया था। इसके साथ ही RBI ने कैश रिजर्व रेशियो (CRR) को भी 50 फीसदी बढ़ाकर 4.50 फीसदी करने का फैसला किया है।

शक्तिकांत दास ने CRR में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए कहा, "कैश रिजर्व रेशियो में बढ़ोतरी के फैसले से बैंकिंग सेक्टर में करीब 83,711.55 करोड़ रुपये कैश कम हो सकते हैं।" दरअसल बैंकों को अपने अपनी कुल जमा राशि का एक निर्धारित हिस्सा RBI के पास जमा रखना पड़ता है, इसी को कैश रिजर्व रेशियो कहा जाता है। RBI यह पैसा इसलिए रखता है ताकि अगर कभी किसी बैंक से भारी तादाद में ग्राहकों पैसे निकालने लगे तो बैंक पैसा चुकाने से मना न कर सके।

21 मई से लागू होगी बढ़ोतरी

RBI गवर्नर ने बताया कि कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में बढ़ोतरी 21 मई से लागू होगी। CRR में बढ़ोतरी का एक मतलब यह है कि बैंकों को अब अपना अधिक पैसा RBI के पास जमा रखना होगा, जिससे उनके पास ग्राहकों को लोन देने के लिए पैसा कम बचेगा। यानी बैंक अब ग्राहकों को कम लोन दे पाएंगे। RBI बाजार में पैसे के प्रवाह को कंट्रोल करने के लिए अक्सर CRR का इस्तेमाल करता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें