आखिर RBI ने इंटरेस्ट रेट अचानक क्यों बढ़ाया, यहां समझिए पूरा मामला

केंद्रीय बैंक ने न सिर्फ रेपो रेट बढ़ाया है बल्कि उसने कैश रिजर्व रेशियो में भी 0.50 फीसदी वृद्धि की है। इससे CRR बढ़कर 4.5 फीसदी हो गया है

अपडेटेड May 04, 2022 पर 9:51 PM
Story continues below Advertisement
मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के सभी सदस्यों ने एक राय से रेपो रेट में 0.4 फीसदी बढ़ोतरी के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार दोपहर में रेपो रेट बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने रेपो रेट को 0.4 फीसदी बढ़ाकर 4.40 फीसदी कर दिया है। आरबीआई के इस फैसले ने स्टॉक मार्केट सहित फाइनेंशियल मार्केट से जुड़े लोगों को चौंकाया। पिछले महीने आरबीआई ने मॉनेटरी पॉलिसी की समीक्षा में रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया था। उसने यह भी कहा था कि वह अपनी मॉनेटरी पॉलिसी को अकोमोडेटिव बनाए रखेगा। फिर, आरबीआई ने क्यों रेपो रेट बढ़ा दिया?

मॉनेटरी पॉलिसी की अगली बैठक का नहीं किया इंतजार

RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि महंगाई को काबू में करने के लिए रेपो रेट बढ़ाने का फैसला लिया गया है। यह फैसला मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की इमर्जेंसी बैठक में लिया गया। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के सभी सदस्यों ने एक राय से रेपो रेट में 0.4 फीसदी बढ़ोतरी के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। आप इससे महंगाई को लेकर रिजर्व बैंक की चिंता समझ सकते हैं। दरअसल, अगले महीने 6 से 8 जून तक मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक होने वाली है। लेकिन, RBI ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के लिए जून तक का इंतजार नहीं किया।


कैश रिजर्व रेशियो में भी आधा फीसदी बढ़ोतरी क्यों?

केंद्रीय बैंक ने न सिर्फ रेपो रेट बढ़ाया है बल्कि उसने कैश रिजर्व रेशियो में भी 0.50 फीसदी वृद्धि की है। इससे CRR बढ़कर 4.5 फीसदी हो गया है। आपको बता दें कि बैंकों को अपने कुल डिपॉजिट का एक हिस्सा कैश के रूप में रिजर्व बैंक में रखना पड़ता है। इसे कैश रिजर्व रेशियो कहते हैं। CRR में आधा फीसदी बढ़ोतरी का मतलब है कि अब बैंकों को ज्यादा पैसा RBI के पास रखना पड़ेगा। इससे लोन देने के लिए उनके पास कम फंड उपलब्ध होगा।

शक्तिकांत दास ने अचानक क्यों लिया इतना बड़ा फैसला?

RBI ने महंगाई को काबू में रखने के लिए रेपो रेट और सीआरआर बढ़ाया है। बताया जाता है कि इससे लिक्विडिटी में कमी आएगी। बैंकिंग सिस्टम से करीब 86,000 करोड़ रुपये निकल जाएंगे। इससे बैंकों के पास लोन देने के लिए कम पैसा बचेगा। उधर, रेपो रेट में वृद्धि से लोन पर इंटरेस्ट बढ़ेगा। होम लोन, कार लोन और पर्सनल सहित सभी तरह का लोन लेना महंगा हो जाएगा।

क्यों लोन महंगा करना चाहता है RBI

कुछ एक्सपर्ट्स ने पिछले महीने मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू में इंटरेस्ट बढ़ने की उम्मीद जताई थी। उनका मानना था कि बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक यह फैसला ले सकता है। लेकिन, तब आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में बदलाव नहीं किया था। दरअसल, दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है। यूक्रेन क्राइसिस ने महंगाई की आग को और बढ़ा दिया है। मार्च में रिटेल इनफ्लेशन 6.95 फीसदी पर पहुंच गया, जो आरबीआई के टारगेट से बहुत ज्यादा है।

लोन महंगा होने से घर, कार, कंज्यूमर अप्लायंसेज सहित चीजों की मांग में कमी आएगी। आरबीआई यही चाहता है। मांग में कमी आने से महंगाई को काबू में करने में मदद मिलेगी। दुनिया भर में केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट बढ़ा रहे हैं। इसका मकसद महंगाई को काबू में करना है।

अमेरिका में भी महंगाई 40 साल के हाई पर पहुंच गई है। इस वजह से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व बैंक ने इंटरेस्ट रेट में कई बार बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। बुधवार यानी आज फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में वृद्धि का एलान करने वाला है। इसकी जानकारी इंडिया में गुरुवार सुबह मिल पाएगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।