कैबिनेट की अहम बैठक आज,कोल गैसिफिकेशन इंसेंटिव स्कीम और 13 फसलों की MSP बढ़ाने को मिल सकती है मंजूरी

कैबिनेट की आज होने वाली बैठक में कोल गैसिफिकेशन इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी संभव है। कोल गैसिफिकेशन के लिए करीब 37500 करोड़ रुपए के इंसेंटिव स्कीम का प्रस्ताव है। इस स्कीम का फोकस घरेलू कोयले से गैस बनाने पर होगा

अपडेटेड May 13, 2026 पर 1:40 PM
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आज खरीफ फसलों के MSP को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलनी संभव है। धान समेत 13 फसलों की MSP में बढ़त को मंजूरी मिल सकती है

बाजार की नजर आज होने वाली कैबिनेट की अहम बैठक पर है। जहां कोल सेक्टर से खरीफ फसलों की MSP तक कई बड़े फैसले हो सकते हैं। कैबिनेट की इस अहम बैठक में करीब 37,500 करोड़ रुपए की कोल गैसिफिकेशन इंसेंटिव स्कीम और धान समेत 13 फसलों की MSP को 3 से 9% तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। इस पर और ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता रोहन सिंह ने बताया कि कैबिनेट की आज होने वाली बैठक में कोल गैसिफिकेशन इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी संभव है। कोल गैसिफिकेशन के लिए करीब 37500 करोड़ रुपए के इंसेंटिव स्कीम का प्रस्ताव है। इस स्कीम का फोकस घरेलू कोयले से गैस बनाने पर होगा। यह स्कीम गैस,यूरिया और केमिकल्स बनाने को बढ़ावा देने के लिए है।

भारत सरकार एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके लिए कोल गैसिफिकेशन इंसेंटिव स्कीम लाई जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में कोयले से गैस बनाने की परियोजनाओं को बढ़ावा देना है।

क्या है कोल गैसिफिकेशन?


बताते चलें की कोल गैसिफिकेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें कोयले को सिंगैस (Syngas) में बदला जाता है। इस गैस का इस्तेमाल ईंधन,बिजली,उर्वरक और केमिकल बनाने में किया जाता है। यह पारंपरिक कोयला इस्तेमाल की तुलना में ज्यादा स्वच्छ और प्रभावी तरीका माना जाता है। भारत के पास करीब 401 अरब टन कोयले का विशाल भंडार है। ऐसे में इस तकनीक के जरिए देश अपने संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर सकता है। पश्चिम एशिया में हो रहे संघर्ष के चलते पूरी दुनिया पर छाए एनर्जी संकट को देखने हुए सरकार ये फैसला ले रही है। इससे भारत की एनर्जी जरूरतों को अपने संसाधनों के जरिए पूरा करने में मदद मिलेगी।

खरीफ फसलों के MSP को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलनी संभव

इसके अलावा आज खरीफ फसलों के MSP को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलनी संभव है। धान समेत 13 फसलों की MSP में बढ़त को मंजूरी मिल सकती है। धान का एमएसपी 70 रुपये से 75 रुपये तक बढ़ सकता है। तुअर, मूंग,उड़द और कपास कीमतों में बढ़ोतरी संभव है। इनकी MSP में 3 से 9% तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। बता दें कि खरीफ की फसलों में धान (चावल), मक्का, ज्वार, बाजरा, मूंग, मूंगफली, गन्ना, सोयाबीन, उडद, तुअर, कुल्थी, जूट, सन, कपास आदि शामिल होती हैं। खरीफ की फसलें जून जुलाई में बोई जाती हैं। सितंबर-अक्टूबर में इनकी कटाई होती है।

कैबिनेट की बैठक में सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की आधिकारिक घोषणा कैबिनेट बैठक के बाद की जा सकती है। बैठक खत्म होने के बाद दोपहर 3 बजे कैबिनेट की प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।

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