Reliance Industries : रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का मकसद ट्रेडिशनल फ्यूल के अल्टरनेटिव के रूप में अफोर्डेबल ग्रीन हाइड्रोजन प्रोवाइड करना है। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने FY23 की एनुअल रिपोर्ट में यह जानकारी दी। अंबानी ने कहा कि FY23 में RIL की टीमों ने सभी साइटों पर सस्टेनेबल सॉल्यूशन खोजने की दिशा में काम किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2022-23 में गैसीफायर में टॉरफाइड बायोमास की फायरिंग के साथ अपना पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन हासिल किया।
मुकेश अंबानी ने क्या कहा?
अंबानी ने कहा, "क्लीन एनर्जी के स्रोतों पर स्विच करना हमारी डीकार्बोनाइजेशन स्ट्रेटेजी के लिए अहम है। हम वर्ल्ड क्लास सोलर एनर्जी वैल्यू चेन स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हम एक ग्रीन हाइड्रोजन बनाने की ओर भी बढ़ रहे हैं। हमारा मकसद ट्रेडिशनल फ्यूल के अल्टरनेटिव के रूप में अफोर्डेबल ग्रीन हाइड्रोजन उपलब्ध कराना है।"
नेट कार्बन जीरो बनना है लक्ष्य
रिलायंस का लक्ष्य 2035 तक नेट कार्बन जीरो बनना है और वह जामनगर में धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स में गीगा-फैक्ट्रियों के विकास के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी अपनी 5 गीगा-फैक्ट्रियों की कलेक्टिव पोटेंशियल को देखते हुए एक वर्ल्ड क्लास, सेल्फ सफिशिएंट ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम स्थापित करने की राह पर है। रिलायंस ने कहा कि वह अपनी नई ऊर्जा पहल से अधिकतम मूल्य प्राप्त करने के लिए अपने ग्लोबल पार्टनर्स की एक्सपर्टाइज का लाभ उठा रही है।
कंपनी ने अपनी एनुअल रिपोर्ट में कहा, "हम जलवायु परिवर्तन की वजह से होने वाली समस्याओं के समाधान को पहचानते हैं। हमारा मानना है कि हमारी नई ऊर्जा पहल औसत तापमान में वृद्धि को सीमित करने के वैश्विक प्रयास में योगदान देगी।"
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)