दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े समूह Samsung ने पहली बार फाउंडिंग फैमिली से बाहर की एक महिला को अपनी एक कंपनी में सीईओ अपॉइंट किया है। यह महिला किम क्यूंग-आह हैं, जिन्हें ग्रुप कंपनी Samsung Bioepis Co. ने नया प्रेसिडेंट और सीईओ बनाया है। सैमसंग ग्रुप की शुरुआत 86 वर्ष पहले 1938 में Lee Byung-chul ने एक ट्रेडिंग कंपनी के तौर पर की थी। बाद में यह ग्रुप कई सेक्टर्स में डायवर्सिफाई हुआ।
साउथ कोरिया में वुमन बिजनेस लीडर्स, कॉरपोरेट बोर्ड्स और सी-सूट्स में अपनी जगह बनाने के लिए लंबे वक्त से संघर्ष कर रही हैं। ऐसे में Samsung Bioepis Co. की प्रेसिडेंट और सीईओ के तौर पर किम क्यूंग-आह का अपॉइंटमेंट एक प्रेरणा है।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी से न्यूरोटॉक्सिकोलॉजी में डॉक्टर 56 वर्षीय किम को बायोलॉजिक डेवलपमेंट में 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। Samsung Bioepis Co. में वह प्रोडक्ट डेवलपमेंट की देखरेख करेंगी। उनका प्रमोशन बुधवार को सैमसंग के मैनेजमेंट में हुए फेरबदल का हिस्सा है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा। न्यूरोटॉक्सिकोलॉजी, नर्वस सिस्टम पर केमिकल और बायोलॉजिकल एजेंट्स के प्रतिकूल प्रभावों पर गहन अध्ययन करती है।
2015 से हैं सैमसंग ग्रुप के साथ
किम ने 2015 में Samsung Bioepis Co. को जॉइन किया था। इससे पहले उन्होंने सैमसंग एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रिंसिपल साइंटिस्ट और बाद में वाइस प्रेसिडेंट रूप में काम किया। किम सैमसंग से जुड़ी किसी कंपनी को लीड करने वाली दूसरी महिला बन गई हैं। इससे पहले सैमसंग फाउंडर ली ब्युंग-चुल की पोती ली बू-जिन, सैमसंग की सहायक कंपनी 'होटल शिला कंपनी' की सीईओ बनी थीं।
2023 में साउथ कोरिया की 269 बड़ी लिस्टेड कंपनियों के बोर्ड में थीं 10% महिलाएं
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल स्थित कंसल्टेंसी CEOScore के अनुसार 2023 में देश में 269 बड़ी लिस्टेड कंपनियों के बोर्ड में फीमेल एग्जीक्यूटिव्स की हिस्सेदारी केवल 10 प्रतिशत थी। यह तब है, जब देश में महिला और पुरुष समान रूप से शिक्षित हैं। CEOScore के अनुसार, बड़ी लिस्टेड कंपनियों के बोर्ड में महिलाओं का अनुपात 2019 में 3 प्रतिशत था, वहीं 2021 में 6.9 प्रतिशत था। इस तरह यह धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
यह वृद्धि दक्षिण कोरियाई सरकार द्वारा 2020 में एक कानून को रिवाइज करने के बाद हुई है। इस संशोधन के बाद किसी बड़ी लिस्टेड कंपनी के बोर्ड में केवल पुरुष या केवल महिला नहीं हो सकते हैं। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण कोरियाई कंपनियों में वुमन लीडर्स की कमी देश में व्यापक लैंगिक असमानता को दर्शाती है।