बजट (Budget 2023) के बाद विभिन्न क्षेत्रों के साथ होने वाले संवाद के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman आज शनिवार 4 फरवरी को मुंबई में थीं। इस दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीतारमण से जब इस साल बजट में मुंबई के लिए कम राशि आवंटित करने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "कौन तय करता है कि मुंबई को क्या मिलेगा? ...औरंगाबाद, नांदेड़ और अकोला जैसे जिलों का क्या? क्या उन्हें कुछ नहीं मिलना चाहिए?" वित्त मंत्री ने आगे कहा कि फंड के बंटवारे के लिए एक संवैधानिक संस्था बनी हुई, जो हर पांच साल में एक बार मिलती है।
उन्होंने कहा, "यह वित्त आयोग तय करता है कि किसे कितना फंड मिलेगा। हम उसी फॉर्मूले के मुताबिक फंड को राज्यों के बीच बांटते हैं।" उन्होंने कहा, “मुंबई को बजट प्रस्ताव पसंद आने चाहिए।”
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "पिछले 3-4 साल से हर साल बजट पेश होने के बाद हम देश में जाकर बजट आउटरीच कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों के बजट पर प्रश्नों का जवाब देते हैं। उनके सुझावों को बजट में जोड़ते हैं। आज मुंबई में बैठक हुई। बैठक में कई पहलुओं पर चर्चा हुई।"
फाइनेंस बिल में शामिल हो सकते हैं सुझाव
वित्त मंत्री ने कहा कि ये प्रेस-कॉन्फ्रेंस हर साल की तरह बजट के बाद होने वाले पोस्ट बजट संवाद का हिस्सा है। इसमें मिलने वाले सुझावों को फाइनेंस बिल में शुमार किया जा सकता है।
सीतारमण ने शनिवार को कहा कि 1 फरवरी को पेश हुए आम बजट में मुख्य रूप से आर्थिक ग्रोथ पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में जो प्रस्ताव किये गए हैं, उससे राजकोषीय स्तर पर मजबूती और खासतौर से समावेशी ग्रोथ को रफ्तार मिलेगी।