Starlink ने भारत में शुरू की हायरिंग, अभी किन लोगों की कर रही तलाश; क्या होगी लोकेशन

Starlink 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज शुरू करने की तैयारी कर रही है। लॉन्च होने के बाद मुकाबला यूटेलसैट वनवेब और जियो सैटेलाइट से होगा। मुंबई में स्पेसएक्स ने पहले ही 3 ग्राउंड स्टेशन लगा लिए हैं

अपडेटेड Oct 31, 2025 पर 12:17 PM
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सभी पोजिशन भारत में Starlink के ऑपरेशनल हब बेंगलुरु के लिए हैं।

एलॉन मस्क की स्पेसएक्स (SpaceX) के मालिकाना हक वाली स्टारलिंक ने भारत में हायरिंग प्रोसेस शुरू कर दी है। स्पेसएक्स के करियर पेज और लिंक्डइन पर दी गई जानकारी के अनुसार, स्टारलिंक अपने शुरुआती भर्ती अभियान के तहत फाइनेंस और अकाउंटिंग पदों पर हायरिंग कर रही है। इनमें पेमेंट्स मैनेजर, अकाउंटिंग मैनेजर, सीनियर ट्रेजरी एनालिस्ट और टैक्स मैनेजर शामिल हैं। सभी पोजिशन भारत में स्टारलिंक के ऑपरेशनल हब बेंगलुरु के लिए हैं।

SpaceX ने जॉब पोस्टिंग में कहा है, "स्टारलिंक दुनिया भर में अपनी लो-लेटेंसी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विसेज देने के लिए विस्तार कर रही है। कंपनी की भारतीय सहायक कंपनी फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और कंप्लायंस की देखरेख के लिए एक अकाउंटिंग मैनेजर की नियुक्ति करना चाहती है।" लो-लेटेंसी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विसेज का मतलब है ऐसी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज, जिनमें डेटा भेजने और रिसीव करने में बहुत कम देरी होती है।

रिमोट या हाइब्रिड वर्क का विकल्प नहीं


जॉब पोस्ट में आगे कहा गया है कि यह पोजिशन बेंगलुरु के लिए है। अकाउंटिंग मैनेजर पर स्टारलिंक के भारत में ऑपरेशंस को सपोर्ट करने के लिए अकाउंटिंग, रिपोर्टिंग और वैधानिक अनुपालन कार्य शुरू करने और बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। कंपनी ने यह भी बताया कि वैलिड वर्क वाले केवल भारत में बेस्ड कैंडिडेट्स को ही कंसीडर किया जाएगा। इस पोजिशन के लिए रिमोट या हाइब्रिड वर्क का विकल्प नहीं हैं।

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भारत में कब शुरू हो सकती है स्टारलिंक की सर्विस

स्टारलिंक 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज शुरू करने की तैयारी कर रही है। कंपनी वर्तमान में भारत सरकार के नियमों का पालन करने के लिए जमीनी स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रही है और सिक्योरिटी ट्रायल्स कर रही है। लॉन्च होने के बाद, स्टारलिंक का मुकाबला यूटेलसैट वनवेब और जियो सैटेलाइट से होगा। इन्हें भी रेगुलेटरी अप्रूवल मिल गया है। स्पेक्ट्रम एलोकेट होने का इंतजार है।

मुंबई में स्पेसएक्स ने पहले ही 3 ग्राउंड स्टेशन लगा लिए हैं। ये स्टारलिंक के इंडिया हब के रूप में काम करेंगे। अधिकारियों द्वारा इस सप्ताह ऑन-साइट निरीक्षण शुरू करने की उम्मीद है। स्टारलिंक ने मुंबई, चेन्नई और नोएडा में 3 गेटवे स्टेशन लगाने की भी इजाजत मांगी है। लॉन्च के बाद 9-10 गेटवे तक विस्तार करने की योजना है। सूत्रों का कहना है कि गेटवे स्टेशंस की अगली लोकेशंस में चंडीगढ़, कोलकाता और लखनऊ शामिल हैं।

 

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