Get App

"सिर्फ फाउंडर की गलती नहीं", स्टार्टअप में कॉरपोरेट गवर्नेंस के मुद्दे पर बोले Zerodha के सीईओ Nithin Kamath

ऑनलाइन ब्रोकिंग फर्म जीरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर नितिन कामत (Nithin Kamath) ने हाल ही में स्टार्टअप में कॉरपोरेट गवर्नेंस के मुद्दों को लेकर राय रखी है। कामत ने कहा कि स्टार्टअप में कॉरपोरेट गवर्नेंस के मुद्दों को लेकर सिर्फ फाउंडर को ही नहीं, बल्कि वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को भी बराबर जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए

Moneycontrol Newsअपडेटेड Jul 01, 2023 पर 10:38 PM
"सिर्फ फाउंडर की गलती नहीं", स्टार्टअप में कॉरपोरेट गवर्नेंस के मुद्दे पर बोले Zerodha के सीईओ Nithin Kamath
Zerodha के फाउंडर ने कहा कि भारत में एक लचीला कारोबार बनाने में समय लगता है

ऑनलाइन ब्रोकिंग फर्म जीरोधा (Zerodha) के को-फाउंडर नितिन कामत (Nithin Kamath) ने हाल ही में स्टार्टअप में कॉरपोरेट गवर्नेंस के मुद्दों को लेकर राय रखी है। कामत ने कहा कि स्टार्टअप में कॉरपोरेट गवर्नेंस के मुद्दों को लेकर सिर्फ फाउंडर को ही नहीं, बल्कि वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को भी बराबर जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने 28 जून को कई सिलसिलेवार ट्वीटर कर भारतीय स्टार्टअप्स में कॉरपोरेट गवर्नेंस के मुख्य कारण को लेकर बात की। जीरोधा के फाउंडर ने कहा, "भारत में एक लचीला कारोबार बनाने में समय लगता है और ऐसा करने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक नहीं है।"

उन्होंने कहा, "भारतीय स्टार्टअप्स में कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मामले समय के साथ और अधिक बढेंगे। इसके लिए लोग फाउंडरों को दोषी ठहराएंगे, लेकिन हकीकत में वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम भी उतना ही दोषी है। इसका मूल कारण फाउंडरों और वेंचर कैपिटल की ओर से भारतीय बाजारों के साइज को अधिक आकलन लगाना है।”

कामत ने कहा, "भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और उम्मीद है कि भविष्य में यह एक आर्थिक महाशक्ति होगी, लेकिन यह आज ऐसा नहीं है। देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम के वैल्यूएशन को उचित ठहराने के लिए राजस्व के हिसाब से टारगेट मार्केट के साइज में भारी बढ़ोतरी की जरूरत है।"

सब समाचार

+ और भी पढ़ें