Byju's को बड़ी राहत, लोन की शर्तें बदलने के राजी हुए लेंडर्स, 3 अगस्त रखी समयसीमा

मुश्किलों के दौर से गुजर रही देश की सबसे बड़ी एडटेक कंपनी बायजूज (Byju's) को बड़ी राहत मिली है। बायजूज और उसके 85 प्रतिशत से अधिक लेंडर्स 3 अगस्त से पहले टर्म लोन की शर्तों में बदलाव को पूरा करने की दिशा में काम करने के लिए सहमत हुए हैं। बायजूज इस समय अपने ऑडिटर के इस्तीफे, अकाउंटिंग अनियमितताएं, लेंडर्स के साथ झगड़े, बड़े पैमाने पर छंटनी और बढ़ते घाटे सहित कई चुनौतियों का सामना कर रही है

अपडेटेड Jul 24, 2023 पर 10:46 PM
Byju's ने वित्त वर्ष 2022 के ऑडिटेड नतीजे अभी तक जमा नहीं किए हैं

मुश्किलों के दौर से गुजर रही देश की सबसे बड़ी एडटेक कंपनी बायजूज (Byju's) को बड़ी राहत मिली है। बायजूज और उसके 85 प्रतिशत से अधिक लेंडर्स 3 अगस्त से पहले टर्म लोन की शर्तों में बदलाव को पूरा करने की दिशा में काम करने के लिए सहमत हुए हैं। बायजूज ने एक बयान में कहा, "टर्म लोन लेंडर्स की स्टीयरिंग कंपनी ने आज ऐलान किया कि वह और बायजूज 3 अगस्त से पहले टर्म लोन संसोधन पर हस्ताक्षर करने की दिशा में सहयोग के लिए सहमत हुए हैं। इस स्टीयरिंग कमेटी के पास बायजूज के कुल 1.2 अरब टर्म लोन का करीब 85 फीसदी मालिकाना हक है।"

बयान में कहा गया है कि संशोधन के सफल होने के बाद लोन की गति में तुरंत सुधार होगा और आगे की कानूनी कार्रवाइयों से बचने के साथ-साथ सभी मौजूदा मुकदमेबाजी समाप्त हो जाएगी।

यह खबर बायजूज के लिए काफी राहत भरी है, जो इस समय अपने ऑडिटर के इस्तीफे, अकाउंटिंग अनियमितताएं, लेंडर्स के साथ झगड़े, बड़े पैमाने पर छंटनी और बढ़ते घाटे सहित कई चुनौतियों का सामना कर रही है।


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प्रिवेशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (FEMA) के तहत अप्रैल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु में बायजूज के ऑफिसों की तलाशी ली थी। कंपनी ने अभी तक वित्त वर्ष 2022 के ऑडिटेड नतीजे अभी तक जमा नहीं किए हैं।

वित्त वर्ष 2021 में बायजू के घाटे में भारी उछाल आई थी और यह 4,500 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, वहीं इसके रेवेन्यू में आश्चर्यजनक रूप से मामूली गिरावट आई। वित्त वर्ष 2021 कोविड का पहला साल था और इसने ऑनलाइन एडटेक कंपनियों को ग्रोथ का काफी मौका दिया था।

एडटेक कंपनी ने पिछले काफी समय से एक फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। यह फंड कंपनी को तत्काल नकदी संकट से निपटने में मदद करेगा। इससे पहले दिन में, मनीकंट्रोल ने यह भी बताया था कंपनी ने अपने लागत को घटाने के अपने बेंगलुरु ऑफिस को खाली कर दिया है। इससे पहले कंपनी ने लागत कम करने के लिए हजारों कर्मचारियों की छंटनी की थी।

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