Hirect lays off: हायरेक्ट ने 40% एंप्लॉयीज को नौकरी से निकाला, बताई यह वजह

Hirect ने कहा है कि ऑर्गेनाइजेशन की रिस्ट्रक्चरिंग और बिजनेस मॉडल में बदलाव की वजह से उसने कुछ एंप्लॉयीज को नौकरी से हटाने का फैसला किया है। उसने कहा है कि अब भी सैकड़ों एंप्लॉयीज कंपनी में काम कर रहे हैं

अपडेटेड Nov 29, 2022 पर 11:56 AM
Hirect के को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर राज दास ने कहा है कि कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में रणनीतिक बदलाव किए हैं। इस वजह से कुछ एप्लॉयीज हटाए गए हैं।

Hirect lays off: एंप्लॉयीज को नौकरी से हटाने वाली कंपनियों की लिस्ट बढ़ रही है। अब Hirect ने 40 फीसदी एंप्लॉयीज को हटा दिया है। हायरेक्ट का चैट-आधारित हायरिंग प्लेटफॉर्म (Chat-based hiring platform) है। यह एक स्टार्टअप (startup) है। कंपपनी ने अपने करीब 200 एंप्लॉयीज को नौकरी से हटाया है। उसने कहा है कि ऑर्गेनाइजेशन की रिस्ट्रक्चरिंग और बिजनेस मॉडल में बदलाव की वजह से उसने ऐसा किया है। लेकिन, माना जा रहा है कि स्टार्टअप्स पर जल्द प्रॉफिट में आने का दबाव बढ़ रहा है। इससे वे अपना खर्च बढ़ाने पर फोकस कर रही हैं। एंप्लॉयीज की छंटनी इसी स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। Hirect के को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर राज दास ने कहा है कि कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में रणनीतिक बदलाव किए हैं।

स्टार्टअप्स क्यों कर रही हैं एंप्लॉयीज की छंटनी?

उन्होंने कहा है कि इस वजह से एंप्लॉयीज की छंटनी करनी पड़ी है। उन्होंने कहा है कि अब भी सैकड़ों एंप्लॉयीज हमारे साथ काम कर रहे हैं। स्टार्टअप्स पर दबाव बढ़ने की एक दूसरी वजह यह है कि कोरोना की महामारी के बाद उन्हें फंडिंग हासिल करने में आसानी हो रही थी। आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ने के बाद उनके बिजनेसेज में भी तेजी आई थी। रिक्रूटमेंट फिर से तेजी से हो रहा था। लेकिन, अब फंड मिलने में दिकक्त आ रही है। इससे फंड जुटाना महंगा हो गया है। ऐसे में स्टार्टअप्स के बाद खर्च में कटौती करने के सिवाय दूसरा कोई रास्ता नहीं है।


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कंपनी में करीब 600 एंप्लॉयीज थे

Hirect का ऑफिस अमेरिका में सैन-फ्रांसिस्को और बेंगलुरु में है। इस स्टार्टअप में करीब 472 एंप्लॉयी हैं। एक समय कंपनी में 600 एंप्लॉयीज थे। सूत्रों ने बताया है कि कुछ एंप्लॉयीज को कंपनी ने अक्टूबर में रिजाइन करने को कहा था। एक एंप्लॉयीज ने कहा है कि कंपनी ने नौकरी से हटाए जाने की स्थिति में कंपनसेशन देने का वादा किया था। उसने यह भी कहा था कि वह ऐसे एंप्लॉयीज को नई नौकरी सर्च करने में मदद करेगी। लेकिन, उसने अपना वादा नहीं निभाया।

2018 में हुई थी हायरेक्ट की शुरुआत

पिछले साल हायरिंग मार्केट में गतिविधियां बहुत ज्यादा थीं। हायरेक्ट ने मार्केटिंग कंपेन पर काफी पैसे खर्च किए थे। गुरुग्राम, नोएडा, बेंगलुरु, मुंबई और पुणे में इसके इसके पोस्टर नजर आते थे। इसने 10 लाख डॉलर का एक स्टार्टअप प्रोग्राम भी लॉन्च किया था। इस प्रोग्राम में चुने गए सीईओ और फाउंडर्स को वर्चुअल हायरिंग इवेंट्स में हिस्सा लेने के लिए बुलाया जाता है। हायरेक्ट की शुरुआत 2018 में हुई थी। यह तेज ग्रोथ वाले स्टार्टअप्स और छोटे बिजनेसेज को बगैर कंसल्टेंट्स हायरिंग प्लेटफॉर्म ऑफर करती है।

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