Chingari Layoff: छंटनी की चिंगारी अब शॉर्ट वीडियो ऐप चिंगारी (Chingari) तक पहुंच चुकी है। यह अपने पूरे ढांचे में फेर-बदल कर रही है और इस कोशिश में इसने अपने 20 फीसदी एंप्लॉयीज को कंपनी से बाहर निकाल दिया है। इस स्टार्टअप ने छंटनी का यह फैसला ऐसे समय में किया है जब इसने चार महीने से थोड़ा पहले एल1 ब्लॉकचेन कंपनी एप्टो लैब्स से इक्विटी इनवेस्टमेंट जुटाया था। हालांकि निवेश के रकम का खुलासा नहीं हुआ था। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर हायरिंग और विस्तार की योजनाओं को लेकर चर्चा भी की थी। हालांकि अब इसके कर्मियों पर छंटनी की गाज गिरी है।
फिर कंपनी ने क्यों की छंटनी
चिंगारी ने मनीकंट्रोल से बातचीत में इस छंटनी की पुष्टि की है। इसके 250 एंप्लॉयीज हैं जिसमें करीब 50 को निकाल दिया गया। कंपनी ने यह छंटनी लॉन्ग टर्म में प्रोडक्टिविटी और प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने के लिए यह छंटनी की। इसके अलावा कंपनी का कहना है कि लंबी अवधि के लक्ष्यों को हासिल के हिसाब से रिसोर्सेज को लेकर भी ऐसा करना जरूरी हो गया। इसका झटका इंजीनियरिंग, मार्केटिंग, कस्टमर सपोर्ट और प्रोडक्ट टीम को लगा है। बता दें कि पिछले महीने मई में चिंगारी के को-फाउंडर आदित्य कोठारी ने कंपनी छोड़ दिया था।
क्या मिलेगा छंटनी वाले एंप्लॉयीज को
चिंगारी के प्रवक्ता ने छंटनी को मैनेजमेंट के लिए सबसे कठिन फैसलों में से एक बताया। जिन एंप्लॉयीज की छंटनी हुई है, उन्हें क्या मिलेगा, इसकी भी जानकारी प्रवक्ता ने दी है। सेवरेंस पैकेज के रूप में एंप्लॉयीज को दो महीने के बराबर की सैलरी मिलेगी। इसके अलावा उन्हें करियर काउंसलिंग और जॉब प्लेसमेंट की सहायता दी जाएगी। उन्हें तीन महीने का हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज भी दिया जाएगा।
Chingari की आगे की क्या है योजना
कंपनी के को-फाउंडर और सीओओ दीपक साल्वी के मुताबिक इसका फोकस अभी पूरे यूरोप, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका में अपने ऐप के विस्तार और लॉन्च करने पर है। दिसंबर 2022 तक मौजूद जानकारी के मुताबिक इसने पहले ही यूएई, इंडोनेशिया, तुर्की और अमेरिका के कुछ हिस्सों में स्थानीय भाषाओं में अपने ऐप जारी कर दिए थे। चिंगारी की योजना 400-500 स्थानीय लोगों को हायर करने की थी।