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अशनीर ग्रोवर पर BharatPe के दूसरे को-फाउंडर शाश्वत नाकरानी भी करेंगे केस, जानें क्या है दोनों के बीच विवाद

भारतपे (BharatPe) के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। उन पर भारतपे के एक और को-फाउंडर, शाश्वत नाकरानी (Shashvat Nakran) मुकदमा करने की तैयारी में हैं। ये मुकदमा 'शेयरों का भुगतान नहीं करने' के मामले में होगा

Moneycontrol Newsअपडेटेड Mar 23, 2023 पर 5:09 PM
अशनीर ग्रोवर पर BharatPe के दूसरे को-फाउंडर शाश्वत नाकरानी भी करेंगे केस, जानें क्या है दोनों के बीच विवाद
नाकरानी और कोलाडिया ने मिलकर मार्च 2018 में BharatPe की स्थापना की थी

भारतपे (BharatPe) के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर (Ashneer Grover) की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। उन पर भारतपे के एक और को-फाउंडर, शाश्वत नाकरानी (Shashvat Nakran) मुकदमा करने की तैयारी में हैं। ये मुकदमा 'शेयरों का भुगतान नहीं करने' के मामले में होगा। गुरुवार 23 मार्च को आई कुछ रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है। बता दें कि करीब दो महीने पहले भारतपे के एक और को-फाउंडर भाविक कोलाडिया (Bhavik Koladiya) ने भी अशनीर ग्रोवर पर मुकदमा किया था। अशनीर ग्रोवर पिछले साल एक लंबे विवाद के बाद भारतपे से अलग हो गए थे।

क्या है BharatPe का मामला?

नाकरानी और कोलाडिया ने मिलकर मार्च 2018 में एक फिनटेक स्टार्टअप फर्म BharatPe की स्थापना की थी। अशनीर ग्रोवर उसी साल जुलाई में तीसरे को-फाउंडर और बोर्ड मेंबर के रूप में कंपनी के साथ जुड़े। रिपोपर्ट के मुताबिक उन्होंने 10 रुपये के फेसवैल्यू के कुल 3,192 शेयर खरीदे। इसमें से 2,447 शेयर नाकरानी से और 745 शेयर कोलाडिया से खरीदे गए थे।

इन शेयरों के ट्रांसफर के बाद BharatPe की शेयरहोल्डिंग पैटर्न बदल गई। अब भाविक कोलाडिया के पास कंपनी की 42.5 फीसदी हिस्सेदारी, अशनीर ग्रोवर के पास 31.9 फीसदी हिस्सेदारी और नाकरानी के पास 25.5 फीसदी हिस्सेदारी थी। रिपोर्ट के मुताबिक इस ट्रांजैक्शन के तौर पर अशनीर ग्रोवर को नाकरानी को 24,470 रुपये और कोलाडिया को 7,450 रुपये देने थे।

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