Sequoia Capital के MD ने स्टार्टअप्स में फ्रॉड पर जताई चिंता, कहा-ऑडिटिंग कंपनियों को सावधान रहने की जरूरत

इंडिया में पिछले एक-डेढ़ साल में स्टार्टअप्स में फ्रॉड के कई मामले आए हैं। जानबूझकर किेए जाने वाले फ्रॉड बहुत सीरियस हैं। Sequoia Capital के इनवेस्टमेंट वाले चार स्टार्टअप्स में फ्रॉड सामने आ चुके हैं। इनमें BharatPe, Zilingo, Trell और GoMechanic शामिल हैं

अपडेटेड Feb 22, 2023 पर 9:49 AM
आनंदन का यह बयान इसलिए बहुत अहम है, क्योंकि GoMechanic पर फाइनेंशियल डेटा में हेराफेरी के आरोप लगे हैं। इसकी जांच चल रही है।

पिछले 12-15 महीनों में इंडिया में Willful Fraud के कई मामले आए हैं। Sequoia Capital India के मैनेजिंग डायरेक्टर राजन आनंदन का कहना है कि वेंचर कैपिटल फर्मों को ऐसे मामलों की जांच करनी चाहिए। Willful Fraud का मतलब ऐसे मामले से है, जिसमें कंपनी का प्रमोटर या मैनेजमेंट जानबूझकर फ्रॉड करता है। आनंदन का यह बयान इसलिए बहुत अहम है, क्योंकि GoMechanic पर फाइनेंशियल डेटा में हेराफेरी के आरोप लगे हैं। इसकी जांच चल रही है। Sequoia Capital ने GoMechanic में निवेश किया है।

पिछले डेढ़ साल में फ्रॉड्स के कई मामले आ चुके हैं

आनंदन ने इंडियन वेंचर एंड अल्टरनेटिव कैपिटल एसोसिएशन (IVCA) कनक्लेव 2023 में कहा, "हम देख रहे है कि इंडिया में पिछले 12-15 महीनों में विलफुल फ्रॉड के कुछ मामले आ रहे हैं। जब आप ऐसे फ्रॉड देखते हैं तो आपको इसकी जांच करने के लिए आगे आना होता है।" Sequoia Capital India के निवेश वाले चार स्टार्टअप्स में पिछले डेढ़ साल में वित्तीय गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। इनमें BharatPe, Zilingo, Trell और GoMechanic शामिल हैं।


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ऑडिटर्स को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत

उन्होंने कहा कि जब गवर्नेंस के मामले में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जांच के बाद फ्रॉड होने का पता चलता है तो यह बहुत-बहुत गंभीर बात है। जानबूझकर फ्रॉड करने वाले लोग चार बड़े ऑडिटर्स से चीजों को छुपाने के लिए अपने तरीके निकालेंगे। उन्हें पकड़ना बहुत मुश्किल है। आपको डिलिजेंस पर दोगुना ध्यान देने की जरूरत है।

कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर शुरू से ही फोकस करना होगा

आनंदम ने कहा कि इकोसिस्टम को गवर्नेंस प्रैक्टिसेज के मामले में स्टार्टअप्स पर काफी पहले से ही फोकस करना चाहिए। गवर्नेंस प्रैक्टिसेज का सही होना जरूरी है। उन्होंने कहा, "जिस समय आप सीरीज C तक पहुंचते हैं, आपके पास CFO होना चाहिए। आपको इनटर्नल और एक्सटर्नल ऑडिट के लिए एक ऑडिट कमेटी के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए। आपके पास एक इंडिपेंडेंट बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स होना चाहिए।"

Incomplete Audits की इजाजत नहीं होनी चाहिए

उनका मानना है कि स्टार्टअप्स में अधूरा ऑडिट्स (Incomplete Audits) स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, आनंदम का यह मानना है कि सीड स्टेज पर इंडिपेंडेंट बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स जरूरी नहीं है, क्योंकि तब सिर्फ शुरुआत हो रही होती है। दिन के अंत में फाउंडर्स को यह सोचने की जरूरत है कि उनके लिए क्या करना जरूरी है। इनवेस्टर्स को भी ध्यान रखना चाहिए कि स्टार्टअप में ये चीजें होनी चाहिए। वेंचर कैपिटल ऐसा बिजनेस है, जिसमें ट्रस्ट बहुत जरूरी है।

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