SBI Mutual Fund ने एक नया फंड लॉन्च किया है। इसका नाम है SBI Dividend Yield Fund (SDF)। यह NFO 20 फरवरी को खुल गया है। यह 6 मार्च को बंद हो जाएगा। एसबीआई एमएफ देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड हाउस है। SDF के पोर्टफोलियो में ज्यादा डिविडेंड देने वाली कंपनियों के शेयर शामिल होंगे। यह पोर्टफोलियो डायवर्सिफायड होगा। इसका मतलब है कि इसमें अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों के शेयर होंगे। आइए जानते हैं इस स्कीम की खास बातें क्या हैं, इसमें किस तरह के निवेशकों को पैसे लगाने चाहिए और इस स्कीम का फंड मैनेजर कौन है।
स्कीम की इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी
इस स्कीम का बेंचमार्क Nifty 500 TRI है। यह अपने पोर्टफोलियो के कम से कम 65 फीसदी हिस्से का निवेश डिविडेंड देने वाली कंपनियों के शेयरों में करेगी। यह स्कीम अपने पोर्टफोलियो को इस तरह से तैयार करेगी कि पोर्टफोलियो की कुल डिविडेंड यील्ड निफ्टी50 के मुकाबले कम से कम 50 फीसदी ज्यादा होगा।
डिविडेंड-यील्ड स्ट्रेटेजी की शुरुआत कुछ साल पहले हुई थी। मान लीजिए किसी शेयर की कीमत 100 रुपये है और उसका डिविडेंड 4 रुपये है तो डिविडेंड यील्ड 4 फीसदी होगा। कहा जाता है कि जिस शेयर की डिविडेंड यील्ड जितनी ज्यादा होती है, उसे वैल्यू के लिहाज से उतना ज्यादा अट्रैक्टिव माना जाता है।
डिविडेंड शेयरों में निवेश करना इनवेस्टर्स के लिए फायदेमंद होता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स को समय-समय पर कंपनी की तरफ से कैश मिलता रहता है। खासकर शेयर की कीमतों में गिरावट आने पर भी इनवेस्टर को डिविडेंड मिलता है। अच्छे मैनेजमेंट वाली कंपनियां अपने इनवेस्टर्स को इनाम देने के लिए डिविडेंड का इस्तेमाल करती हैं।
इस फंड का प्रबंधन रोहित शिम्पी करेंगे। एसबीआई म्यूचुअल फंड के चीफ बिजनेस अफसर और डिप्टी एमडी डीपी सिंह ने कहा कि हाई डिविडेंड यील्ड वाली कंपनियों को इनकम के रेगुलर स्रोत के रूप में देखा जाता है। लंबी अवधि में ऐसी कंपनियों का पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स को अच्छा मुनाफा देने वाला साबित होता है।
डिविडेंड यील्ड वाले कुछ फंड पहले से मार्केट में हैं। इनकी संख्या 8 है। ये करीब 10,244 करोड़ रुपये के एसेट का प्रबंधन करते हैं। 17 फरवरी, 2023 को खत्म तीन साल की अवधि में डिविडेंड यील्ड स्कीमों ने 19.23 फीसदी रिटर्न दिया है। वैल्यू रिसर्क के मुताबिक, इसके मुकाबले फ्लेक्सी-कैप फंडों का रिटर्न 13.77 फीसदी रहा है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स के लिए अच्छे ट्रैक-रिकॉर्ड वाली बेहतर प्रबंधन वाली स्कीमों में इनवेस्ट करना ज्यादा सही है। अगर कोई इनवेस्टर डिविडेंड यील्ड स्कीम में निवेश करना चाहता है तो उसे टेंपलटन इंडिया इक्विटी इनकम फंड जैसी मौजूदा डिविडेंड यील्ड स्कीमों में निवेश करना चाहिए। जो इनवेस्टर्स कम उतार-चढ़ाव वाले शेयरों में निवेश करना चाहते हैं वे डिविडेंड यील्ड स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं।