जापान की दिग्गज इनवेस्टमेंट कंपनी सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉरपोरेशन (SoftBank Group Corp) के निवेश वाली भारतीय कंपनियों ने पिछले 15 महीनों में अपने जापानी निवेशक की तरह 'पूर्ण रक्षात्मक' नजरिया अपनाया है और लागत में कटौती करने वाले विभिन्न उपायों को लागू किया है। इस कदम से वे फंडिंग की कमी की समस्या से बाहर निकलना चाहती है, जो इस समय पूरी दुनिया में देखी जा रही है। साल 2022 के शुरुआत के बाद से सॉफ्टबैंक के निवेश वाले भारतीय स्टार्टअप्स ने अपने लागत में करीब 50 से 75 फीसदी तक की कटौती की है, जिससे वे अपने रनवे कम से कम 12 महीने तक बढ़ा सके। मामले से वाकिफ लोगों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। स्टार्टअप रनवे का मतलब है किसी कंपनी के पास अपने बिजनेस को कितने समय तक चालू रखने के लिए कैश बचा है।
