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एंजल टैक्स के मामले में स्टार्टअप्स को नहीं मिली राहत, फंड जुटाना होगा और मुश्किल

स्टार्टअप्स को पहले से ही फंड जुटाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। एंजेल टैक्स के नए प्रावधानों में राहत नहीं मिलने से उनके लिए फंड जुटाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। स्टार्टअप इंडस्ट्री ने एंजल टैक्स के नए प्रावधानों से राहत की मांग की थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 24, 2023 पर 2:24 PM
एंजल टैक्स के मामले में स्टार्टअप्स को नहीं मिली राहत, फंड जुटाना होगा और मुश्किल
एंजल टैक्स रीजीम की शुरुआत 2013 में हुई थी। इसका मकसद मनी लाउन्ड्रिंग पर अंकुश लगाना था।

फाइनेंस बिल 2023 में Angel Tax सिस्टम में बदलाव के प्रस्ताव से स्टार्टअप्स को किसी तरह की राहत नहीं मिली है। 1 फरवरी, 2023 को पेश बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एंजल टैक्स सिस्टम में बदलाव का प्रस्ताव पेश किया था। तब कहा गया था कि इस बदलाव की वजह से स्टार्टअप्स को विदेश से फंड जुटाने में दिक्कत आ सकती है। 24 मार्च को लोकसभा में पारित फाइनेंस बिल में कहा गया है कि एंजल टैक्स में बदलाव फाइनेंशियल ईयर 2023-24 में लागू हो जाएगा। 3One4 Capital के मैनेजिंग पार्टनर सिद्धार्थ पई ने कहा कि यह कनफ्यूजन था कि यह बदलाव 1 अप्रैल, 2023 से लागू होगा या 1 अप्रैल, 2024 से। लेकिन, फाइनेंश बिल 2023 में साफ तौर पर कहा गया है कि यह 1 अप्रैल, 2023 से लागू होगा।

क्या है नया नियम?

स्टार्टअप्स पहले से ही फंड की कमी का सामना कर रहे हैं। एंजल टैक्स में बदलाव के प्रस्ताव से उनकी दिक्कत और बढ़ जाएगी। एंजल टैक्स रीजीम के तहत विदेशी इनवेस्टर्स से जुटाए गए फंड पर एग्जेम्प्शन की सुविधा खत्म कर दी गई है। हालांकि, सेबी-रजिस्टर्ड अल्टरनेविटव इनवेस्टमेंट फंड्स की तरफ से किए जाने वाले इनवेस्टमेंट पर एग्जेम्प्शंस मिलता रहेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए नियम से SoftBank, Tiger Global, Alpha Wave और Sequoia जैसे बड़े विदेशी निवेशकों के स्टार्टअप्स में होने वाले निवेश पर बहुत खराब असर पड़ेगा।

दो तरह के इनवेस्टर्स को एग्जेम्प्शन मिलेगा

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