एक साल में ढाई गुना रिटर्न, Swiggy बेच रही Rapido में पूरी हिस्सेदारी, ₹2500 करोड़ जुटाने का है प्लान

स्विगी (Swiggy) निवेश के करीब तीन साल बाद रैपिडो (Rapido) में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। आमतौर पर सेकंडरी ट्रांजैक्शन 20-30% डिस्काउंट पर होता है लेकिन रैपिडो की वैल्यू इसके ग्रास मर्चेंडाइज वैल्यू की 1.3 गुने पर लग रही है। जानिए कि स्विगी अपनी हिस्सेदारी क्यों बेच रही है और वैल्यू अधिक क्यों लगा रही है?

अपडेटेड Aug 06, 2025 पर 12:52 PM
फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) ने राइड-हेलिंग स्टार्टअप रैपिडो (Rapido) में अपनी 12% के करीब पूरी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) ने राइड-हेलिंग स्टार्टअप रैपिडो (Rapido) में अपनी 12% के करीब पूरी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। स्विगी का रैपिडो में निवेश तीन साल से थोड़े अधिक समय से है। कंपनी का लक्ष्य है कि इस खरीदारी से उसे ₹2500 करोड़ मिल जाएं। इस सौदे से रैपिडो की वैल्यूशन में जोरदार इजाफा हुआ है और पिछले साल $110 करोड़ के वैल्यूशन से स्विगी की डील में इसका वैल्यूएशन $270-$300 करोड़ पर पहुंच गया। रैपिडो की घरेलू मार्केट में उबेर (Uber) और ओला (Ola) जैसी कंपनियों से टक्कर है।

Swiggy की कैसी है कारोबारी सेहत?

स्विगी ऐसे समय में रैपिडो में अपनी हिस्सेदारी बेच रही है, जब इसके बैलेंस शीट पर काफी दबाव है। लगातार पांच तिमाहियों से यह घाटे में है जिसमें से पिछली दो तिमाहियों में इसका शुद्ध घाटा ₹2,278 करोड़ ($26.8 करोड़) का है। पिछली नौ तिमाहियों में इसका कुल घाटा ₹6,600 करोड़ ($78.5 करोड़) के पार चला गया जिससे कंपनी के कैश रिजर्व में गिरावट आई है। वहीं दूसरी तरफ रैपिडो के पास $15-16 करोड़ की नगदी है और इसका मंथली कैश बर्न करीब $30 लाख तक सीमित है।


Rapido में हिस्सेदारी बेचने पर स्विगी को क्या होगा फायदा?

जून तिमाही के आखिरी में कंपनी के पास ₹5,354 करोड़ की नगदी और इसका इक्विवैलेंट है। अब रैपिडो में पूरी हिस्सेदारी बेचने पर यह राशि काफी बढ़ सकती है। इससे स्विगी को एटर्नल (Eternal) की जोमैटो (Zomato) और ब्लिंकिट (Blinkit) समेत बिग बास्केट (Big Basket) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) से क्विक कॉमर्स सेक्टर में मुकाबले के लिए मजबूत पूंजी मिलेगी। करीब तीन साल पहले वर्ष 2022 में जब स्विगी ने रैपिडो में निवेश किया था तो इसे अहम रणनीतिक निवेश माना गया था लेकिन पिछले महीने अर्निंग्स कॉल में कंपनी ने कहा कि अब वह अपनी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है ताकि हितों का टकराव रोका जा सके क्योंकि रैपिडो फूड डिलीवरी बिजनेस में एंट्री की तैयारी कर रही है। स्विगी की योजना इस सौदे को तीन महीने में पूरा करने की है।

मिलेगा ढाई गुना रिटर्न?

अगर योजना के मुताबिक स्विगी अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए बड़े संस्थागत निवेशकों को खोज लेती है तो रैपिडो में करीब तीन साल पुराने $12 करोड़ (₹950 करोड़) के निवेश पर इसे ढाई गुना रिटर्न हासिल होगा। जब स्विगी ने वर्ष 2022 में रैपिडो के $18 करोड़ राउंड में पैसे डाले थे तो रैपिडो का वैल्यूशन $82.7 करोड़ था जोकि जुलाई 2024 में बढ़कर $110 करोड़ पर पहुंच गया, जब कंपनी ने वेस्टब्रिज समेत अन्य निवेशकों से पैसे जुटाए थे। उसके बाद से एक साल में रैपिडो का बिजनेस करीब 120% बढ़ चुका है और इसका सालाना ग्रास मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) भी $220 करोड़ पर पहुंच चुका है। इस ग्रोथ के चलते ही स्विगी ने अब रैपिडो की वैल्यूएशन करीब $270-$300 करोड़ तय की है।

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