वेदांता रिसोर्सेज (Vedanta Resources) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) ने खुद अपनी स्टोरी शेयर की है। उन्होंने बताया है कि वह कैसे आंखों में कुछ करने के सपने लिए मुंबई आए थे। आज उनके ग्रुप में कई बड़ी कंपनियां हैं। वह इंडिया के बड़े इंड्रस्ट्रियलिस्ट हैं। अपनी कहानी शेयर करने का उनका मकसद युवाओं को जिंदगी में सफलता के लिए प्रेरित करना है।
अग्रवाल ने 15 फरवरी को एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने मुंबई पहुंचने की अपने सफर के बारे में बताया है। उन्होंने लिखा है, "लाखों लोग अपनी किस्मत आजमाने के लिए मुंबई आते हैं।" उन्होंने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस का एक ब्लैक-एंड-व्हाइट फोटो भी शेयर किया है। पहले इस रेलवे स्टेशन को विक्टोरिया टर्मिनस स्टेशन के नाम से जाना जाता था।
उन्होंने लिखा है कि मैं उन लाखों लोगों में से एक था, जो किस्मत आजमाने मुंबई आते हैं। मुझे वह दिन याद है जब मैंने बिहार से निकला था। मेरे पास सिर्फ एक टिफिन बॉक्स, बेडिंग और आंखों में सपने थे। उन्होंने बताया है कि मुंबई पहुंचने पर उन्होंने वहां की पहचान माने जाने वाली काली-पीली टैक्सी देखी थी। डबल-डेकर बस भी उन्होंने पहली बार वहीं देखी थी। इससे पहले उन्होंने इन दोनों को फिल्मों में देखा था।
अग्रवाल ने युवाओं को कड़ी मेहनत करने और बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा है, "अगर आप मजबूत इच्छाशक्ति के साथ पहला कदम बढ़ाते हैं तो पक्का है कि आप अपनी मंजिल तक पहुंचेंगे।" आज अनिल अग्रवाल की वेदांता एक ग्लोबल बन चुकी है। इंडिया के अलावा अफ्रीका, आयरलैंड और आस्ट्रेलिया में इसका कारोबार है। लंदन मुख्यालय वाली इस कंपनी में 65,000 से ज्यादा लोग और कॉन्ट्रैक्टर्स काम करते हैं।
वेदांता ने जनवरी में सऊदी अरब के मिनरल सेक्टर में इनवेस्ट करने के प्लान का ऐलान किया था। कंपनी ने कहा था, "कंपनी सऊदी अरब में इनवेस्टमेंट के मौके तलाशने के लिए बातचीत कर रही है। कंपनी खुद को मिडिल ईस्ट के मिनरल हब में बदलना चाहती है।"