Tata Motors की गाड़ियां हो सकती हैं और महंगी, कमोडिटी की बढ़ती लागत मार्जिन पर डाल रही दबाव

Tata Motors PV कमोडिटी की लागत में हुई बढ़ोतरी के एक बड़े हिस्से का बोझ अभी खुद ही उठा रही है और लागत घटाने की कोशिशें भी कर रही है। गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी छोटी-छोटी किश्तों में करने पर विचार किया जा रहा है

अपडेटेड Sep 27, 2026 पर 10:35 AM
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टाटा मोटर्स PV के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शैलेश चंद्रा का कहना है कि सबसे बड़ी चिंता अनिश्चितता है।

ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (PV) की गाड़ियों की कीमतें और बढ़ सकती हैं। कच्चे माल की लागत में काफी बढ़ोतरी के कारण कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को और झटका लगने की आशंका है। लिहाजा हो सकता है कि कंपनी को कीमतें बढ़ानी पड़ें। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा, माल ढुलाई और कच्चे माल की लागत बढ़ गई है। इसके चलते कंपनियों को या तो बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा खुद सहना पड़ रहा है या बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ रहा है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, टाटा मोटर्स पीवी के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शैलेश चंद्रा का कहना है कि कंपनी पैसेंजर व्हीकल्स की कीमतों में आगे चरणबद्ध ढंग से और बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। कंपनी कमोडिटी की लागत में हुई बढ़ोतरी के एक बड़े हिस्से का बोझ अभी खुद ही उठा रही है और लागत घटाने की कोशिशें भी कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम हर महीने इसकी समीक्षा कर रहे हैं कि गाड़ियों की कीमतों में एक निश्चित स्तर की बढ़ोतरी करने का अवसर कब मिलेगा। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी छोटी-छोटी किश्तों में की जाएगी ताकि मांग पर तुरंत असर न पड़े।’’ चंद्रा के मुताबिक, "जिस तेजी से लागत बढ़ी है, उसी तेजी से इन बढ़ी हुई कीमतों का बोझ बाजार पर डालना संभव नहीं है...जिसके कारण मार्जिन पर भारी दबाव पड़ रहा है और लागत घटाने के प्रयासों पर अधिक ध्यान देना पड़ रहा है।"


पैसेंजर व्हीकल्स के बाद अब कमर्शियल व्हीकल्स भी होने वाले हैं महंगे

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPV) ने 1 सितंबर से अपनी सभी गाड़ियों की कीमतें 25,000 रुपये तक बढ़ा दी हैं। कंपनी ने बयान में कहा था कि बढ़ोतरी के तहत सभी सेगमेंट्स के इंटर्नल कंबंशन इंजन (ICE) व्हीकल्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) आएंगे। कीमतों में बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट्स के आधार पर अलग-अलग होगी। इसके अलावा टाटा मोटर्स अपने कमर्शियल व्हीकल्स की कीमतें 1 अक्टूबर से 1 प्रतिशत तक बढ़ाने वाली है।

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सबसे बड़ी चिंता अनिश्चितता

रॉयटर्स के मुताबिक, चंद्रा का कहना है कि सबसे बड़ी चिंता अनिश्चितता है। लागत इतनी ही बढ़नी थी, या कमोडिटी के मामले में आगे और दबाव आना बाकी है, इसे लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। चंद्रा का यह भी कहना है कि टाटा मोटर्स पीवी ने अपनी इलेक्ट्रिक कार उत्पादन क्षमता को दोगुना करके प्रति माह 16,000 यूनिट से अधिक कर दिया है। कंपनी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बढ़ोतरी जारी रखे हुए है। भारत में टाटा मोटर्स पीवी की कुल कार बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत है।

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