Tata Motors News: सेल्स में गिरावट के बाद क्या करेगी टाटा मोटर्स? सीएफओ ने किया खुलासा

Tata Motors News: पिछले वित्त वर्ष 2025 में टाटा मोटर्स ने करीब 65 हजार इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री की थी जोकि वित्त वर्ष 2024 के मुकाबले कम रही। ऐसे में अब टाटा मोटर्स की अगली स्ट्रैटेजी पर लोगों की नजरें हैं और इसे लेकर सीएफओ पीबी बालाजी ने खुलासा किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि टाटा मोटर्स शानदार वापसी करेगी। जानिए क्या है कंपनी की स्ट्रैटेजी

अपडेटेड May 14, 2025 पर 8:00 AM
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Tata Motors News: वित्त वर्ष 2025 में सेल्स वॉल्यूम में 10 फीसदी की गिरावट के बाद अब टाटा मोटर्स को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री मजबूती से वापसी करेगी।

Tata Motors News: वित्त वर्ष 2025 में सेल्स वॉल्यूम में 10 फीसदी की गिरावट के बाद अब टाटा मोटर्स को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री मजबूती से वापसी करेगी। पिछले वित्त वर्ष में फ्लीट बायर्स यानी कि कारोबारी जरूरतों को भारी संख्या में गाड़ियां खरीदने वालों की तरफ से मांग में कमी के चलते ही टाटा मोटर्स की सेल्स वॉल्यूम प्रभावित हुई थी। अब इस वित्त वर्ष 2026 में मांग के तेजी से रिकवर होने की उम्मीद ग्रुप सीएफओ पीबी बालाजी ने अर्निंग्स कॉल के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में जो सुस्ती दिखी थी, उसकी मुख्य वजह फेम 2 सब्सिडिी और फ्लीट ऑपरेटर्स की तरफ से ऑपरेशनल चुनौतियां हैं।

Tata Motors की क्या है कमबैक स्ट्रैटेजी?

पिछले वित्त वर्ष 2025 में टाटा मोटर्स ने करीब 65 हजार इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री की थी जोकि वित्त वर्ष 2024 के मुकाबले कम रही। उन्होंने कहा कि कंपनी हैरियर ईवी और सिएरा ईवी को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है और मांग के मुताबिक मौजूदा ईवी को अपग्रेड करने की भी योजना है। ईवी सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद टाटा मोटर्स इस क्षेत्र में आगे बनी हुई है। कंपनी अपने ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी विचार कर रही है। बालाजी का कहना है कि फास्ट चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अब करीब 21 हजार स्टेशंस तक हो गए हैं और इसके दम पर उम्मीद है कि ईवी सेक्टर में लीडरशिप मेंटेन करने के लिए मजबूत स्थिति में है।


इस वित्त वर्ष कैपिटल एक्सपेंडिचर में कोई बदलाव नहीं होगा। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने करीब 8400 करोड़ रुपये निवेश किया था जबकि इसकी यूके सब्सिडरी जगुआल रैंड रोवर ने 3.8 अरब रुपये खर्च किए। ग्रुप लेवल पर बात करें तो टाटा मोटर्स ने पूरे वित्त वर्ष में 48 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश किया और करीब 4.4 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड रेवेन्यू मिला।

टाटा मोटर्स के कारोबारी नतीजे की खास बातें

टाटा मोटर्स ने मंगलवार को कारोबारी नतीजे जारी किए। मार्च तिमाही में कंपनी का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 51 फीसदी गिरकर 8,470 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि इस दौरान कंपनी का कंसालिडेटेड टोटल रेवेन्यू 0.4 फीसदी बढ़कर 1,19,503 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। जगुआर लैंडरोवर (JLR) का सेल्स वॉल्यूम मजबूत मांग के चलते 1.1 फीसदी बढ़ गया। हालांकि पिछली कुछ तिमाहियों के मुकाबले ग्रोथ सुस्त रही क्योंकि चीन में बिक्री गिरी है।

टाटा मोटर्स के लिए कैसी रही मार्च तिमाही?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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