Get App

Q2 में बड़े-बड़े बैंकों का बढ़ गया राइट ऑफ, इसमें भी टॉप पर रहा HDFC Bank

Write-Off: सितंबर तिमाही में देश के सरकारी और निजी सेक्टर के टॉप बैंकों ने बड़ी मात्रा में लोन राइट ऑफ किया। सात के टॉप बैकों में जिन्होंने अपनी तिमाही नतीजे जारी किए हैं, उन्होंने बड़ी मात्रा में राइट ऑफ किया है। इसमें भी HDFC Bank ने सबसे अधिक राइट ऑफ किया है। वहीं मंझले और छोटे बैंकों के लिए स्थिति मिली-जुली रही। चेक करें बैंकवाइज स्थिति

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 30, 2023 पर 1:31 PM
Q2 में बड़े-बड़े बैंकों का बढ़ गया राइट ऑफ, इसमें भी टॉप पर रहा HDFC Bank
बैंक लोन को राइट ऑफ तब करते हैं, जब कर्जदारों से इसके वापस मिलने के चांस नहीं रहते हैं। आमतौर पर बैंकों को राइट ऑफ की गई लोन राशि का 100 फीसदी प्रोविजन के रूप में अलग रखना होता है जो इसके मुनाफे कमाने की क्षमता पर असर डालता है।

सितंबर तिमाही में देश के सरकारी और निजी सेक्टर के टॉप बैंकों ने बड़ी मात्रा में लोन राइट ऑफ किया। सात के टॉप बैकों में जिन्होंने अपनी तिमाही नतीजे जारी किए हैं, उन्होंने बड़ी मात्रा में राइट ऑफ किया है और यह 14 बैंकों के डेटा के एनालिसिस में मनीकंट्रोल ने निकाला है। जिन सात बैंकों की बात हो रही है, वे एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India), पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank-PNB), इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) और केनरा बैंक (Canara Bank) हैं।

सबसे अधिक Write-off किया HDFC Bank ने

निजी सेक्टर में देश के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank ने सितंबर तिमाही में सबसे अधिक राइट ऑफ किया। इसने 3250 करोड़ रुपये का लोन राइट ऑफ किया जबकि एक साल पहले इसने 3000 करोड़ रुपये के लोन को राइट ऑफ किया था। ICICI Bank का लोन राइट ऑफ सालाना आधार पर 1103 करोड़ रुपये से बढ़कर 1922 करोड़ रुपये, Axis Bank का 1700 करोड़ रुपये से उछलकर 2671 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें