रेसिप्रोकल टैरिफ पर नरम पड़े ट्रंप, क्या भारत-ब्रिटेन जैसे देशों को मिलेगी राहत?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि कुछ देशों को रेसिप्रोकल टैरिफ में राहत मिल सकती है। भारत-अमेरिका टैरिफ वार्ता सकारात्मक रहने की उम्मीद है। ट्रंप ने फार्मा इंडस्ट्री पर नए टैरिफ की भी घोषणा करने की बात कही। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।

अपडेटेड Mar 29, 2025 पर 10:25 AM
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ट्रंप के मुताबिक, ब्रिटेन समेत कई देशों ने अमेरिका से संपर्क किया है ताकि वे रेसिप्रोकल टैरिफ से बचने के लिए कोई समझौता कर सकें।

Donald Trump Reciprocal Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ देशों को रेसिप्रोकल टैरिफ (reciprocal tariffs) में राहत देने के संकेत दिए। इसमें भारत का नाम भी शामिल हो सकता है। ट्रंप ने शुक्रवार (28 मार्च) को कहा कि वे उन देशों के साथ समझौते करने के लिए तैयार हैं, जो अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ से बचना चाहते हैं।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बारे में कोई भी समझौता तभी होगा, जब उसमें अमेरिका का हित हो। ट्रंप ने जल्द ही दवा उद्योग (फार्मा इंडस्ट्री) पर टैरिफ का एलान करने की भी बात कहीव है। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि ये टैरिफ कब लागू होंगे और कितने प्रतिशत होंगे।

किन देशों को मिलेगी रेसिप्रोकल टैरिफ से राहत?


ट्रंप के मुताबिक, ब्रिटेन समेत कई देशों ने अमेरिका से संपर्क किया है ताकि वे रेसिप्रोकल टैरिफ से बचने के लिए कोई समझौता कर सकें। उन्होंने कहा, "वे समझौते करना चाहते हैं। अगर हमें बदले में कुछ अच्छा मिलता है, तो रास्ते खुले हैं। मैं इसके लिए तैयार हूं, लेकिन हमें भी फायदा होना चाहिए।"

जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ये समझौते 2 अप्रैल से पहले हो सकते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "नहीं, शायद बाद में। यह एक प्रक्रिया है।" ट्रंप ने कहा कि जिन देशों ने अमेरिकी सामानों पर टैक्स लगाए हैं, उन पर 2 अप्रैल से अमेरिका के जवाबी शुल्क (reciprocal tariffs) लागू कर दिए जाएंगे।

ट्रंप ने भारत के बारे में क्या कहा?

ट्रंप ने भरोसा जताया कि भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर बातचीत अच्छी तरह सुलझ जाएगी। उन्होंने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में अमेरिका आए थे और हम हमेशा से अच्छे दोस्त रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "भारत दुनिया के उन देशों में से एक है, जहां इम्पोर्ट पर सबसे ज्यादा टैक्स लगता है... यह काफी सख्त है। मोदी बहुत होशियार और शानदार नेता हैं और मेरे अच्छे दोस्त भी। हमारी बातचीत बहुत अच्छी रही, और मुझे लगता है कि भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ का मामला अच्छे से सुलझ जाएगा।"

पीएम मोदी ने फरवरी में वॉशिंगटन डीसी का दौरा किया था और ट्रंप के साथ व्यापार और अन्य मुद्दों पर चर्चा की थी। यह दौरा तब हुआ जब ट्रंप ने दूसरी बार राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि भारत एक ऐसा देश है, जहां इम्पोर्ट पर बहुत ज्यादा टैक्स लगाया जाता है।

रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) क्या है?

रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) का मतलब है कि अगर कोई देश अमेरिकी सामानों पर टैक्स लगाता है, तो अमेरिका भी उस देश के सामान पर उतना ही या उससे मिलता-जुलता टैक्स लगा देगा। इसे आसान भाषा में "जैसा को तैसा" टैरिफ कहा जा सकता है।

अब मान लीजिए कि भारत अमेरिका से मोबाइल फोन इम्पोर्ट करता है और उस पर 20% इम्पोर्ट ड्यूटी लगाता है। अगर अमेरिका को यह अनुचित लगता है, तो वह भारत से आने वाले किसी समान मूल्य वाले प्रोडक्ट (जैसे टेक्सटाइल या ऑटोमोबाइल) पर 20% या ज्यादा टैक्स लगा सकता है।

ट्रंप का मानना है कि कई देश अमेरिका से आने वाले सामानों पर ज्यादा टैरिफ लगाते हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान होता है। इसी वजह से वे 'रेसिप्रोकल टैरिफ' लागू कर रहे हैं ताकि इन देशों पर दबाव डाला जा सके और अमेरिका के लिए ज्यादा फेयर ट्रेड डील हासिल की जा सके।

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