अमेरिकी कंपनी WeWork Global बैंकरप्सी फाइल करने का प्लान कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसा अगले सप्ताह की शुरुआत में ही हो सकता है। सॉफ्टबैंक के निवेश वाली कोवर्किंग कंपनी WeWork बड़े पैमाने पर कर्ज और भारी घाटे से जूझ रही है। कंपनी के शेयरों में इस वर्ष लगभग 96% की गिरावट आई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि WeWork, न्यू जर्सी में चैप्टर 11 पिटीशन फाइल करने पर विचार कर रही है।
इससे पहले WeWork ने कहा था कि उसने अपने कुछ कर्जों के भुगतान को अस्थायी रूप से स्थगित करने के लिए लेनदारों के साथ एक समझौता किया था, जिसका ग्रेस पीरियड खत्म होने वाला है। जून के अंत तक कंपनी पर 2.9 अरब डॉलर का नेट लॉन्ग टर्म डेट था और लॉन्ग टर्म लीज में 13 अरब डॉलर से अधिक थे। साल 2019 में WeWork की वैल्यूएशन निजी तौर पर 47 अरब डॉलर थी।
2021 में बहुत कम वैल्यूएशन पर हुई पब्लिक
कंपनी ने 2019 में पब्लिक होने की योजना की घोषणा की थी और इसके बाद से ही उथल-पुथल का सामना कर रही है। लॉन्ग टर्म लीज पर स्पेस लेकर उन्हें शॉर्ट टर्म के लिए किराए पर देने के बिजनेस मॉडल के चलते WeWork पर निवेशकों को पहले ही भरोसा कम था। उस पर भारी घाटे की चिंता ने काम और बिगाड़ दिया। यह 2021 में बहुत कम वैल्यूएशन पर पब्लिक होने में सफल रही।
WeWork India के बिजनेस पर असर नहीं
बैंकरप्सी फाइल करने की खबरों के बीच WeWork India ने कहा है कि इसका WeWork India के व्यवसाय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारतीय व्यवसाय में रियल्टी फर्म एम्बेसी ग्रुप का निवेश है और बिजनेस ने लगातार ग्रोथ हासिल की है। WeWork India में एम्बेसी ग्रुप की 73 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि WeWork Global की 27 प्रतिशत हिस्सेदारी है। WeWork India के भारत के 7 शहरों- नई दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद में 50 सेंटर हैं। कंपनी का रेवेन्यु जून 2023 तिमाही में 40 प्रतिशत बढ़कर 400 करोड़ रुपये हो गया।