US Fed Interest Rate: ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, क्या थम गया बढ़ोतरी का सिलसिला?

US Fed Rate Unchanged: अमेरिका में इस समय 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म इलेक्शन का खुमार छाया हुआ है और इससे एक हफ्ते से भी समय में ब्याज दरों को लेकर अहम अपडेट आया है। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इस बार ब्याज दरों को स्थिर रखा है। जानिए कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर अब खत्म हुआ या अभी इसे कोई चुनौती झेलनी पड़ रही है

अपडेटेड Oct 29, 2026 पर 7:47 AM
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बाजार का मानना है कि अगर महंगाई का दबाव बना रहता है तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है।

US Fed Rate Unchanged: अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने महंगाई पर काबू पाने की चुनौती के बीच अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को 3.75-4% पर स्थिर रखने का फैसला किया है। पिछले महीने 0.25 पर्सेंटेज प्वाइंट्स की बढ़ोतरी के बाद फेडरल रिजर्व ने फिलहाल राहत तो दी है, लेकिन आने वाले महीनों में दोबारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका बनी हुई है। वैसे बाजार को पहले से ही इस फैसले की उम्मीद थी और न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक ट्रेडर्स ने इसकी 90% संभावना जताई थी।

हालांकि दरों को स्थिर रखने का यह फैसला सर्वसम्मति से नहीं हुआ है बल्कि फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक में दो सदस्यों लिसा डी कुक (Lisa D Cook) और बेथ एम हैमैक (Beth M Hammack) ने ब्याज दरों में 25 बीपीएस की और बढ़ोतरी की वकालत की थी।

महंगाई बनी सबसे बड़ी चुनौती


अमेरिका में महंगाई दर फेड के 2% के टारगेट रेंज से ऊपर बनी हुई है। फेडरल रिजर्व PCE (पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर्स) प्राइस इंडेक्स को महंगाई को अहम पैमाना मानता है और इसमें सुधार नहीं दिख रहा है। सितंबर में महंगाई से जुड़े कई इंडिकेटर्स ऊपर चढ़े। अब बाजार की नजर सितंबर के PCE आंकड़ों पर है, जो गुरुवार को जारी होने वाले हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध, सप्लाई की चिंता में तेल के बढ़ते भाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी ने महंगाई का दबाव बढ़ाया है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल करीब %114 तक पहुंच गया। सितंबर की शुरुआत से इसमें लगभग 20% की बढ़ोतरी हुई है। इससे खेती, ट्रांसपोर्टेशन, कंस्ट्रक्शन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लागत बढ़ने का खतरा है।

आगे बढ़ सकती हैं ब्याज दरें!

बाजार का मानना है कि अगर महंगाई का दबाव बना रहता है तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। महंगाई और बढ़ती लागत के कारण फेड को लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखनी पड़ सकती है। कुछ अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आने वाली बैठकों में ब्याज दरों में 25-25 बेसिस प्वाइंट्स की तीन और बढ़ोतरी हो सकती है और जून 2027 तक तिमाही इसकी मार पड़ सकती है। हालांकि फेड का अगला कदम महंगाई के आंकड़ों, उपभोक्ता खर्च और आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल तो निवेशकों के लिए गुरुवार को आने वाले PCE आंकड़े काफी अहम होने वाले हैं, क्योंकि इससे यह संकेत मिल सकता है कि अमेरिका में ब्याज दरें आगे स्थिर रहेंगी या फिर बढ़ोतरी का दौर दोबारा शुरू होगा।

RBI दिसंबर में ब्याज दरों में कर सकता है 0.50% की बढ़ोतरी, महंगाई के बढ़ते दबाव के चलते लिया जा सकता है ये फैसला -SBI रिसर्च

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