टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vodafone Idea) ने स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए सितंबर, 2025 में देय 24,747 करोड़ रुपये की वित्तीय बैंक गारंटी पर दूरसंचार विभाग से छूट मांगी है। स्पेक्ट्रम नीलामी के नियमों के अनुरूप कंपनी को भुगतान की निर्धारित तारीख से एक साल पहले वार्षिक किस्त की गारंटी देने की जरूरत है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सोर्सेज के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। कंपनी ने 2022 और 2024 के स्पेक्ट्रम नीलामी नियमों के आधार पर राहत का हवाला दिया है, जिसमें वार्षिक किस्तों के लिए बैंक गारंटी देने का प्रावधान हटा दिया गया है।
ये भुगतान उन स्पेक्ट्रम के लिए किया जाना है, जिन्हें Vodafone Idea ने 2022 से पहले आयोजित नीलामियों में खरीदा था। कंपनी ने 2022 में सरकारी राहत पैकेज के तहत स्वीकृत स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए चार साल की मोहलत (मोरेटोरियम) का विकल्प चुना था। वर्ष 2016 तक आयोजित स्पेक्ट्रम नीलामी से संबंधित भुगतान दायित्वों के लिए मोरेटोरियम की अवधि अक्टूबर, 2025 से सितंबर, 2026 के बीच खत्म हो रही है।
AGR पेमेंट्स पर मोरेटोरियम कब हो रहा खत्म
वोडाफोन आइडिया ने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के भुगतान पर भी मोरेटोरियम का विकल्प चुना है, जो मार्च 2026 में खत्म हो रहा है। वोडाफोन आइडिया को संबंधित मोहलत अवधि खत्म होने से कम-से-कम 13 महीने पहले बैंक गारंटी देना जरूरी है।
वोडाफोन आइडिया पर 31 मार्च, 2024 तक सरकार का कुल 2,03,430 करोड़ रुपये बकाया था। कुल बकाया में 1,33,110 करोड़ रुपये का डेफर्ड स्पेक्ट्रम भुगतान दायित्व और 70,320 करोड़ रुपये की एजीआर लायबिलिटी शामिल है। मोरेटोरियम का विकल्प चुनते समय कंपनी ने डेफर्ड पेमेंट पर करीब 16000 करोड़ रुपये का ब्याज दायित्व, सरकार को कंपनी में इक्विटी की पेशकश करके क्लियर कर दिया था। सरकार की वोडाफोन आइडिया में 31 मार्च 2024 तक हिस्सेदारी 23.8 प्रतिशत थी, जो 2023 में 33 प्रतिशत थी।