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क्या Go First का मामला मुश्किल में फंसी कंपनियों के लिए मिसाल बन सकता है? जानिए एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं

पैसे की कमी की वजह से Go First ने फिलहाल अपनी हवाई सेवाएं बंद कर दी हैं। इसने IBC के सेक्शन 10 के तहत NCLT में इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन के लिए अप्लिकेशन दाखिल किया है। एनसीएलटी से फिलहाल कर्ज चुकाने के मामले में राहत मिल गई है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 11, 2023 पर 5:08 PM
क्या Go First का मामला मुश्किल में फंसी कंपनियों के लिए मिसाल बन सकता है? जानिए एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं
गो फर्स्ट ने कहा है कि उसे अपनी हवाई सेवाएं बंद करने को मजबूर होना पड़ा। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी कंपनी Pratt & Whitney ने कंपनी को इंजन की सप्लाई नहीं की।

मुश्किल में फंसी Go First ने इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन के लिए खुद NCLT में अर्जी दी है। कंपनी बैंकों को कर्ज चुकाने में थोड़ी राहत चाहती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गो फर्स्ट का मामला संकट में फंसी कंपनियों के लिए एक मिसाल बन सकता है। गो फर्स्ट वाडिया ग्रुप की कंपनी है। पैसे की कमी की वजह से उसने अपनी सेवाएं फिलहाल बंद कर दी है। उसने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के सेक्शन 10 के तहत दिल्ली में NCLT में वॉलेंटरी इनसॉल्वेंसी के लिए अप्लिकेशन फाइल किया है।

गो फर्स्ट ने क्यों बंद की सेवाएं?

गो फर्स्ट ने कहा है कि उसे अपनी हवाई सेवाएं बंद करने को मजबूर होना पड़ा। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी कंपनी Pratt & Whitney ने कंपनी को इंजन की सप्लाई नहीं की। गो फर्स्ट के करीब 50 फीसदी विमान इंजन में खराबी की वजह से उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। इस वजह से कंपनी अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर सकी। इसका असर उसके रेवेन्यू पर पड़ा।

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