मुश्किल में फंसी Go First ने इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन के लिए खुद NCLT में अर्जी दी है। कंपनी बैंकों को कर्ज चुकाने में थोड़ी राहत चाहती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गो फर्स्ट का मामला संकट में फंसी कंपनियों के लिए एक मिसाल बन सकता है। गो फर्स्ट वाडिया ग्रुप की कंपनी है। पैसे की कमी की वजह से उसने अपनी सेवाएं फिलहाल बंद कर दी है। उसने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के सेक्शन 10 के तहत दिल्ली में NCLT में वॉलेंटरी इनसॉल्वेंसी के लिए अप्लिकेशन फाइल किया है।
