2 हफ्ते की ऊंचाई पर पहुंचा सोने का भाव, जानिए क्रूड की कीमतों में तेजी की क्या है वजह

2 हफ्ते की ऊंचाई पर सोने का भाव पहुंचा है। लगातर तीन दिनों से सोने की कीमतों में तेजी आ रही है।

अपडेटेड Oct 21, 2021 पर 2:26 PM

क्रूड की कीमतों में तेजी का दौर लगातार जारी है। साथ ही बेस मेटल भी चमक रहे हैं। सोने और चांदी में भी तेजी आई है। साथ ही अन्य कमो़डिटी का क्या हाल है। आइए डालते है एक नजर।


चमक रहा है सोना

2 हफ्ते की ऊंचाई पर सोने का भाव पहुंचा है।  लगातर तीन दिनों से सोने की कीमतों में तेजी आ रही है। COMEX पर सोने का भाव 1800 डॉलर तक पहुंचा है।  COMEX पर लगा 1,790.10 डॉलर का हाई लगाया है। MCX पर सोना  47,600 के करीब पहुंचा है।

Multibagger Stock: 10 सालों में 14,750% चढ़ा ये केमिकल स्टॉक, 1 लाख रुपए का निवेश 1.48 करोड़ रुपए बना

क्यों आई सोने में तेजी

डॉलर में कमजोरी से सोने की चमक बढ़ी है। फेस्टिवल मांग से भी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।  स्पॉट मार्केट में भी भाव में तेजी आई है। ग्लोबल ट्रेंड से भी कीमतों को सहारा मिल रहा है। US में ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से सपोर्ट मिल रहा है। FED के बयान के बाद कीमतें बढ़ीं है। महंगाई बढ़ती रही तो सख्त कदम उठाने होंगे। सोना कई देशों के सेंट्रल बैंक खरीद रहे हैं। क्रूड के भाव में तेजी से सपोर्ट बना है। गल्फ देशों से सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है। भारत में कोरोना के बाद फिर सोने का इंपोर्ट बढ़ा है।



कच्चे तेल में बढ़ा उबाल

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। 7 साल के ऊंचाई पर क्रूड के भाव नजर आ रहे है। ब्रेंट पर भाव 86 डॉलर  के पार निकला है जबकि WTI पर भी क्रूड का भाव 84 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। MCX पर भी भाव 6,250 के ऊपर निकला है।

क्यों आई तेजी?

इराक के तेल मंत्री के बयान के बाद क्रूड की कीमतों में उछाल देखने को मिल रही है। इराक के तेल मंत्री  ने कहा कि ब्रेट 100 डॉलर के पार होगा। वहीं ओपेक ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने पर विचार नहीं है। सउदी अरब 600000 बैरल प्रति दिन तक  मांग जा सकती है। ठंड बढ़ने पर क्रूड की मांग में इजाफा होगा। US में पेट्रोल की सप्लाई 3 साल के निचले स्तरों पर कारोबार कर रहा है। US क्रूड इंवेंट्री 4 हफ्तों में पहली बार गिरा है। EIA ने कहा कि अक्टूबर में US क्रूड इंवेंट्री 431,000 बैरल गिरी है जबकि अक्टूबर में US क्रूड इंवेंट्री 426.5 mln बैरल हुई है। वहीं US में पेट्रोल का रिजर्व नवंबर 2019 के बाद सबसे कम रही है।

बेस मेटल की चमक बढ़ी

ऑल टाइम हाई पर  एल्युमिनियम पहुंचा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्युमिनियम 3,228.75 डॉलर तक पहुंचा है। कॉपर की कीमतों ने भी रफ्तार देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5 महीने की हाई पर कॉपर पहुंचा है जबकि 7 साल के हाई पर निकेल की कीमतें है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में निकेल ने 21,432.50 डॉलर का हाई लगाया है जबकि निकेल मई 2014 को  21,602 डॉलर  तक पहुंचा था।

एल्युमिनियम में तेजी के कारण
 
भाव में तेजी के पीछे चीन का घटता उत्पादन है। जून 2020 से भी चीन में उत्पादन कम हुआ है। 

कॉपर में तेजी के कारण

चीली, पेरू में सप्लाई में बाधा से कीमतों में तेजी आई है। 2 महीने में लाइम स्टॉक का भाव 90% तक गिरा है।

निकेल में तेजी के कारण

कनाडा के खानें में हड़ताल से कीमतें बढ़ी है। हड़ताल से उत्पादन कम होने की आशंका है। फिलीपींस में खराब मौसम का उत्पादन पर असर देखने को मिल रहा है। फिलीपींस में औसत से  उत्पादन 10% कम हो सकता है।

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।