सोने की महंगाई के बीच पनपा एक नया विकल्प, 14-18 कैरेट सोने की ज्वेलरी का बढ़ा ट्रेंड

अहमदाबाद ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक साल 2025 की शुरुआत में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम ₹80,000 था जो साल पूरा होने से पहले ₹1.42 लाख हो गया। दो साल पहले शादी में 22 कैरेट ज्वेलरी बनवाने की मात्रा 75% की थी जो घटकर 50% रह गई है

अपडेटेड Dec 26, 2025 पर 5:25 PM
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Gold price : गोल्ड एक्सपर्ट मनोज सोनी का कहना है कि अंगूठी, ब्रेसलेट और डायमंड ज्वेलरी में अब 14 - 18 कैरेट की ज्वेलरी का इस्तेमाल बढ़ेगा। सोने के आभूषण के बगैर शादी फिकी लगती है। ऐसे में 14 से 18 कैरेट गोल्ड विकल्प बन रहा है

सोना लगातार नया रिकॉर्ड बना रहा है। शादी का सीजन भी चल रहा है। ऐसे में क्या लोगों ने सोना खरीदना कम कर दिया है? यही जानने की कोशिश की सीएनबीसी-आवज़ संवाददाता केतन जोशी ने। उनकी पड़ताल से पता चलता है कि सोना अभी ऑल टाइम हाई चल रहा है लेकिन खरीदारी रुकी नहीं है। दशकों पहले सिर्फ़ डायमंड ज्वेलरी में 14 या 18 कैरेट की ज्वेलरी का इस्तेमाल हो रहा था लेकिन अब गोल्ड ज्वेलरी में भी होने लगा है। लगातार बढ़ रहे गोल्ड प्राइस के कारण ज्वेलरी का नया सेगमेंट शुरू हो गया है।

एक ग्राहक पारुल ने केतन जोशी से हुई बातचीत में कहा "मेरी बेटी के लिए तो मैंने 22 कैरेट की ज्वेलरी ख़रीदी है लेकिन सोना महंगा हो जाने से अब बेटे की लकी 14 या 18 कैरेट में बना रही हूं"।

अहमदाबाद ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक साल 2025 की शुरुआत में सोने का दाम प्रति 10 ग्राम ₹80,000 था जो साल पूरा होने से पहले ₹1.42 लाख हो गया। दो साल पहले शादी में 22 कैरेट ज्वेलरी बनवाने की मात्रा 75% की थी जो घटकर 50% रह गई है। जानकर कहना है की अब 14-18 कैरेट की ज्वैलरी की डिमांड बनी रहेगी। गोल्ड एक्सपर्ट मनोज सोनी का कहना है कि अंगूठी, ब्रेसलेट और डायमंड ज्वेलरी में अब 14 - 18 कैरेट की ज्वेलरी का इस्तेमाल बढ़ेगा। सोने के आभूषण के बगैर शादी फिकी लगती है। ऐसे में 14 से 18 कैरेट गोल्ड विकल्प बन रहा है।


क्या है एक्सपर्ट्स की राय

कमोडिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि वेनेजुएला से कच्चे तेल की शिपमेंट पर अमेरिका की तरफ से जारी रोक, रूस और यूक्रेन के बीच लगातार बढ़ रहा तनाव और नाइजीरिया में ISIS के खिलाफ अमेरिका की हालिया मिलिट्री स्ट्राइक ने जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ा दी है, जिससे सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।

यूएस में रेट कट की उम्मीदें भी सोने की तेजी बढ़ा रही हैं। अमेरिका में महंगाई कम हो रही है और लेबर मार्केट की स्थिति नरम हो रही है। ऐसे में बाज़ार अगले साल फेड द्वारा दो क्वार्टर-प्वाइंट रेट कट की उम्मीद कर रहे हैं।

 

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