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बजट उम्मीद-  Budget 2024 में खाने के तेल पर बढ़े इंपोर्ट ड्यूटी, तिलहन की फसलों को सपोर्ट की जरूरत

GGN रिसर्च के नीरव देसाई ने कहा कि अबकी बार के बजट में डोमेस्टिक ऑयल सीड्स को बढ़ावा मिलना चाहिए। सरकार को खाने के तेल पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ानी चाहिए। देश में अब तिलहन की फसलों को सपोर्ट करने की जरूरत है। अभी तक तिलहन की बुआई की स्थिति अच्छी है। मूंगफली की बुआई इस साल बढ़ सकती है

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Jul 13, 2024 पर 2:26 PM
बजट उम्मीद-  Budget 2024 में खाने के तेल पर बढ़े इंपोर्ट ड्यूटी, तिलहन की फसलों को सपोर्ट की जरूरत
8 जुलाई 2024 तक मूंगफली की 17.85 लाख हेक्टेयर तक बुआई हो गई है। जबकि पिछले साल इस तारीख तक 21.24 लाख हेक्टेयर तक बुआई हो चुकी थी

Budget 2024: मोदी 3.0 के पहले बजट का बिगुल बज चुका है। आगामी 23 जुलाई को मोदी सरकार का पहला बजट आने वाला है। इस दिन देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फिर से एक बार यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी। बजट पर आम लोगों के साथ ही कारोबारियों की नजर लगी रहती है। शेयर बाजार भी उत्सुकता से इस बार के बजट में होने वाली घोषणाआों का इंतजार कर रहा है। हर सेक्टर अपने लिए कुछ न कुछ अपेक्षाएं बजट से लगाये रखता है। इस बार कमोडिटी सेक्टर को बजट से क्या मिलेगा इस पर भी निगाहें रहेंगी। खास तौर पर एडिबल ऑयल के लिए बजट में क्या प्रावधान किये जाने चाहिए इस पर GGN रिसर्च के नीरव देसाई ने कहा कि सरकार ऐसा कुछ लेकर आयेगी जो हमने सोचा नहीं होगा क्योंकि ऐसा पहले भी हुआ है।

डोमेस्टिक ऑयल सीड्स को मिले बढ़ावा

लेकिन बजट से उम्मीद के बारे में बात करनी हो तो नीरव देसाई ने कहा कि इसमें डोमेस्टिक ऑयल सीड्स को बढ़ावा देना चाहिए। अब नेशनल इलेक्शन खत्म हो चुके हैं। अब सरकार को कंज्यूमर पर से अपना फोकस थोड़ा कम करके इंडस्ट्री की ओर करना चाहिए। सोयाबीन में एमएसपी बढ़ाई गई है। वहीं सरसों में नाफेड को बढ़ी कीमत पर खरीदारी करनी पड़ी है। इलेक्शन खत्म होने के बाद इस सेक्टर में कंज्यूमर और कारोबारियों के बीच थोड़ा बैलेंस देखने को मिलना चाहिए। सरकार को कुल मिलाकर कृषि, किसानों और कमोडिटी सेक्टर के लिए बढ़िया सुविधा प्रदान करनी चाहिए।

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