निवेशकों में यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरों में होने वाली आक्रामक बढ़त और अमेरिका में मंदी का डर बना हुआ है। इसके अलावा चीन की तरफ निराशाजनक ग्रोथ के टारगेट ने भी निवेशकों का सेंटीमेंट खराब किया है। चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग ( Li Keqiang)ने पिछले रविवार को वार्षिक नेशनल पीपुल्स कांग्रेस में अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करते हुए जीडीपी में 5 फीसदी ग्रोथ का लक्ष्य घोषित किया है। यह टारगेट बाजार की उम्मीद से कम था। इसके अलावा चीन ने रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों के लिए किसी बड़े प्रोत्साहन पैकेज का भी ऐलान नहीं किया है।
डॉलर इंडेक्स तीन मीहने के हाई लेवल पर
यूएसफेड के चेरमैन जोरेम पावेल की तरफ में ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी जारी रहने के ऐलान के बाद डॉलर इंडेक्स 105.883 के तीन मीहने के हाई लेवल पर पहुंचते दिखे। बाद में आए उनके नरम बयानों के बावजूद यूएस फेड की अगली मीटिंग में 0.25 फीसदी के पहले के अनुमान के मुकाबले ब्याज दरों में 0.50 की बढ़त की संभावना दिख रही है। अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े अहम आंकड़ों में लगातार मजबूती आ रही है लेकिन महंगाई उम्मीद के मुताबिक नहीं कम हो रही है। ऐसे में आगे ब्याज दरों में और बढ़त देखने को मिलेगी।
कोमेक्स पर सोना 2023 के सबसे निचले स्तर पर
डॉलर में मजबूती के चलते कोमेक्स पर सोना 2023 के सबसे निचले स्तर पर दिख रहा है। इसके साथ ही यूएस में टेन ईयर ट्रेजरी यील्ड 4 फीसदी से ऊपर चली गई है। जिसका बुलियन पर निगेटिव असर पड़ा है। हालांकि अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा जॉबलेस क्लेम और अमेरिका में बैंकिंग से सेक्टर में आई परेशानियों के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प की तरफ रुख करते आए है जिससे सोने को कुछ सहारा मिला है और ये 1840 डॉलर प्रति औंस पर जाने में कामयाब रहा है।
कोमेक्स पर चांदी 20 डॉलर प्रति औंस के नीचे
कोमेक्स पर चांदी भी नवंबर 2022 के बाद पहली बार 20 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गई है। SPDR की सोने की होल्डिंग 903 टन तक फिसल गई है। जबकि iShares की चांदी की होल्डिंग में 5 टन की कमी देखी गई। ये कमजोर निवेश मांग का संकेत है।
कच्चे तेल की कीमतों में 5 फीसदी की गिरावट
इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में 5 फीसदी की गिरावट आई है। अमेरिकी मंदी की आशंका और चीन के कमजोर आयात आंकड़ों के कारण मांग में कमी आई। इसकी वजह से इस हफ्ते क्रूड ने अपनी सारी पिछली बढ़त गवां दी। हालांकि अमेरिकी तेल में आश्चर्यजनक रूप से 1.7 मिलियन बैरल की गिरावट को निवेशकों द्वारा काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया गया।
एलएमई बेस मेटल्स में भी कमजोरी
फेड रेट में बढ़ोतरी की चिंता, चाइना की तरफ से आने वाली मांग में कमजोरी के अनुमान और चीन की तरफ से किसी प्रोत्साहन उपाय का ऐलान न होने के कारण एलएमई बेस मेटल्स में भी कमजोरी देखने को मिली है।
कमोडिटी बाजार वोलैटिलिटी बनी रहने की उम्मीद
उम्मीद है कि अगले हफ्ते के शुरुआत में कमोडिटी मार्केट की दिशा तय करने में अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल डेटा की अहम भूमिका रहेगी। निवेशक चीन के अहम आर्थिक आंकड़ों के आने के पहले सतर्क नजरिया अपनाते नजर आएंगे। कमोडिटी बाजार की नजरें अमेरिका के खुदरा बिक्री और महंगाई आंकड़ों पर रहेगी। इसके अलावा बाजार इन आंकड़ों के यूएसफेड की ब्याज दरों और खपत पर पड़ने असर का भी आकलन करता दिखेगा। बाजार का अमुनान है कि अगले हफ्ते होने वाली अपनी अहम बैठक में यूरोपीय सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में 0.50 फीसदी की बढ़त का फैसला ले सकता है।
कुल मिलाकर देखें तो अगले सप्ताह आने वाले अहम आंकड़ों के चलते कमोडिटी बाजार वोलैटिलिटी बनी रहने की उम्मीद दिख रही। अगर चीन के खुदरा बिक्री और औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों में सुधार की हरी झंडी दिखाई देती है, तो यह कमोडिटी बाजार के लिए पॉजिटिव ट्रिगर का काम करेगा।
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