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कॉटन की कीमतों में कुछ हद तक गिरावट मुमकिन, जानिए भारी बारिश के कारण क्यों घट सकते हैं दाम

इस साल भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में कपास का रकबा पिछले साल के मुकाबले 3 फीसदी कम है लेकिन इसके वावजूद इस साल फसल पिछले साल से बेहतर रह सकती है। इसके साथ ही 30 सितंबर तक ड्यूटी में कटौती से भी कपास की कीमतों में कुछ हद तक कमी आने का चांस है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 22, 2025 पर 3:11 PM
कॉटन की कीमतों में कुछ हद तक गिरावट मुमकिन, जानिए भारी बारिश के कारण क्यों घट सकते हैं दाम
लगातार बारिश के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक में कपास की फसलों को कुछ हद तक नुकसान हुआ है

पिछले कई दिनों की लगातार बारिश की वजह से महाराष्ट्र और कर्नाटक में कुछ फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। खासतौर पर कॉटन और सोयाबीन की फसल पर इसका ज्यादा असर हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में क्या कॉटन और सोयाबीन की कीमतों में तेजी आएगी। महाराष्ट्र कॉटन की खेती में सबसे आगे है। लेकिन बारिश के कारण यहां भी फसलों को नुकसान हुआ है। यह नुकसान कितना बड़ा है इसका आंकलन अभी चल रहा है।

भारी बारिश से फसलों को कितना नुकसान हुआ है इस पर डीडी कॉटन के एमडी अरुण सेकसरिया ने कहा कि महाराष्ट्र की बात करें तो 105.2 लाख हेक्टेयर में कॉटन की खेती हुई है। यह पिछले साल के मुकाबले 2-3 फीसदी कम है। सेकसरिया ने कहा, "अभी तक जो बरसात हुई है और उसमें जो फसलें खड़ी हैं, उनका कोई नुकसान नहीं हुआ है। अगर आगे भी मौसम ऐसा रहता है तो हम उम्मीद करते हैं कि कॉटन की फसल पिछले साल के मुकाबले ज्यादा बेहतर होगी।"

यह पूछे जाने पर कि इस साल कॉटन की फसल कितनी रह सकती है? इस पर सेकसरिया ने कहा कि फिलहाल कोई नंबर बताना बहुत मुश्किल होगा क्यों अभी काफी जल्दी है। वैसे एक अनुमान जताते हुए उन्होंने ये जरूर बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश में इस साल कॉटन का रकबा कम होने के बावजूद प्रोडक्शन 335 लाख बेल्स हो सकता है। बारिश और कम रकबा के बावजूद प्रोडक्शन इस साल पिछले साल के मुकाबले बेहतर रह सकती है।

आने वाले दिनों में क्या कपास की कीमतों में बढ़ोत्तरी होगी?

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