Cotton Price: निकट भविष्य में घरेलू हाजिर बाजार में कॉटन का भाव घटकर 43,000 रुपये प्रति गांठ हो सकती है। अगर एक्सपर्ट की माने तो कॉटन का ये रेट धीरे-धीरे गिरकर 40,000 रुपये प्रति गांठ तक आ सकता है। इंटरनेशनल मार्केट में बिकवाली और देश में इस साल अच्छी फसल रहने की संभावना से भारत में प्रमुख मंडियों और बाजारों में हाजिर कॉटन की कीमतों में गिरावट देखने को मिल सकती है। पिछले हफ्ते कीमतों में करीब 3.5 फीसदी से 4.0 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी।
वहीं दूसरी ओर अमेरिका में सूखे की वजह से 1 मिलियन मीट्रिक टन फसल कम रहने और पाकिस्तान में बाढ़ की वजह से 0.5 मिलियन मीट्रिक टन फसल क्षतिग्रस्त होने के तथ्य को नंजरअंदाज करते हुए आईसीई कॉटन दिसंबर वायदा में जून 2022 के मध्य के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई थी और भाव 9.6 फीसदी की गिरावट के साथ 103.21 सेंट प्रति पाउंड पर बंद हुआ था। ओरिगो कमोडिटीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजीव यादव के मुताबिक चीन में लॉकडाउन और अमेरिका में मंदी की घबराहट से कमोडिटी मार्केट में नेगेटिव ट्रेंड है।अब कॉटन मार्केट में वैश्विक सप्लाई में तेज गिरावट और वैश्विक बाजार में संभावित मंदी के बीच कड़ा मुकाबला होगा, जिसकी वजह से मांग कम हो सकती है। हालांकि अमेरिका, ब्राजील और पाकिस्तान में फसल को काफी गंभीर नुकसान हुआ है जिससे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कॉटन का लॉन्ग टर्म आउटलुक सकारात्मक रहेगा।
कपास की नई फसल की सप्लाई शुरू
हरियाणा के पलवल जिले में 2022-23 सीजन के लिए रॉ कॉटन (कपास) की आवक निर्धारित अक्टूबर 1 की तुलना में बहुत पहले देखने को मिल रही है। हालांकि, नए कपास की कुल दैनिक आवक 500 गांठ (170 किलोग्राम) से कम दर्ज की गई थी। कारोबारियों का कहना है कि नई कपास की कीमत लगभग 9,900-10,000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई थी, जबकि पिछले साल कपास की फसल की बिक्री तकरीबन 5,000 प्रति क्विंटल पर हुई थी। सितंबर 2022 के पहले हफ्ते में हरियाणा और पंजाब के अन्य हिस्सों के बाजारों (मंडियों) में कच्चे कपास के आने की उम्मीद है। अक्टूबर 2022 के पहले हफ्ते से राजस्थान और दक्षिण भारत की मंडियों में कपास आने की संभावना है।
गिरावट के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में एक बार फिर मजबूती का रुझान शुरू हो गया है और सुरक्षित निवेश मांग होने से भाव 21 साल की नई ऊंचाई 109.96 पर पहुंच गया है। डॉलर इंडेक्स ने अपने हाल के 20 साल के उच्चतम स्तर 109.14 को पार कर लिया था और भाव ट्रेंड रिवर्सल प्वाइंट यानी टीआरपी-106.5 के ऊपर भाव 114-115 की ओर बढ़ जाएगा। कमोडिटीज का अमेरिकी डॉलर के साथ नकारात्मक संबंध है, खासकर अमेरिका से निर्यात होने वाली कमोडिटीज से इसका नकारात्मक रिश्ता है।
कपास का रकबा 7 फीसदी बढ़ा
2 सितंबर 2022 तक देशभर में कपास की बुआई 125.70 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जो कि पिछले साल की समान अवधि की 117.7 लाख हेक्टेयर की तुलना में 7 फीसदी ज्यादा है।