Get App

Crude Oil price: मंदी की बढ़ती आशंका के बीच कच्चा तेल 2% टूटा, US की बढ़ती इन्वेंटरी भी बना रही दबाव

गैसोलीन की मांग भी सालाना आधार पर 3.9 फीसदी गिरकर 8.5 मिलियन बैरल प्रति दिन पर आ गई है। इस बीच, अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में 4.6 मिलियन बैरल की गिरावट आई है। लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि ये गिरावट अल्पकालिक हो सकती है।सप्लाई के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल में रूस के पश्चिमी बंदरगाहों से तेल का लदान 2019 के बाद से उच्चतम स्तर पर पहुंच सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 21, 2023 पर 11:30 AM
Crude Oil price: मंदी की बढ़ती आशंका के बीच कच्चा तेल 2% टूटा, US की बढ़ती इन्वेंटरी भी बना रही दबाव
गैसोलीन की मांग भी सालाना आधार पर 3.9 फीसदी गिरकर 8.5 मिलियन बैरल प्रति दिन पर आ गई है। इस बीच, अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में 4.6 मिलियन बैरल की गिरावट आई है। लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि ये गिरावट अल्पकालिक हो सकती है

Crude Oil price:अमेरिका में गैसोलीन की इन्वेंटरी बढ़ने और संभावित मंदी के चलते मांग घटने की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल करीब 2 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट के साथ मार्च महीने के अंतिम दौर के बाद के सबसे निचले स्तर पर फिसल गया है। कल के कारोबार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.02 डॉलर प्रति बैरल यानी 2.4 फीसदी की गिरावट के साथ 81.10 डॉलर प्रति बैरल पर सेटल हुआ था। वहीं, WTI यानी नायमैक्स क्रूड फ्यूचर्स 1.87 डॉलर प्रति बैरल यानी 2.4 फीसदी की कमजोरी के साथ 77.29 डॉलर प्रति बैरल पर सेटल हुआ था।

कच्चे तेल में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण मंदी का डर

ये दोनों बेंचमार्क बुधवार को 2 फीसदी गिर गए और ओपेक + उत्पादन कटौती की घोषणा से ठीक पहले के अपने सबसे निचले स्तर के आसपास आ गए हैं। मिजुहो (Mizuho) में एनर्जी फ्यूचर्स के कार्यकारी निदेशक बॉब यॉगर (Bob Yawger) का कहना कि कच्चे तेल में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण मंदी का डर है।

बेरोजगारी लाभ के लिए नए दावे करने वाले अमेरिकियों की संख्या में हल्की बढ़त

सब समाचार

+ और भी पढ़ें