Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को आई गिरावट आज और बढ़ती नजर आई। IEA के अनुमान के बाद 4 महीनों के निचले स्तरों पर कच्चे तेल पहुंचा। ब्रेंट का भाव 63 डॉलर के नीचे फिसला। निवेशक अब बढ़ती सप्लाई और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते तनाव (US China Trade War Fear) के असर को लेकर चिंतित हैं । मंगलवार को वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट मई के बाद से सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 59 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा था, जबकि ब्रेंट 62 डॉलर के करीब पहुंचा।
ब्रेंट क्रूड वायदा 12 सेंट या 0.19% गिरकर 62.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट वायदा 10 सेंट या 0.17% गिरकर 58.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
इधर इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने अपने ताजा अनुमान में कहा है कि 2026 तक तेल की सप्लाई में ऐतिहासिक ओवरसप्लाई देखने को मिलेगी। एजेंसी के अनुसार अगले साल यानी 2026 में वैश्विक क्रूड सप्लाई डिमांड से लगभग 40 लाख बैरल प्रतिदिन ज्यादा होगी, जो सालाना आधार पर अब तक की सबसे बड़ी बढ़त होगी।
इस बीच निवेशक दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हालिया जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं, क्योंकि बीजिंग ने दक्षिण कोरियाई शिपिंग दिग्गज की अमेरिकी इकाइयों पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने भविष्यवाणी की है कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हुई हालिया बातचीत के बाद, निर्यात नियंत्रण को लेकर चीन के साथ बढ़े तनाव में कमी आएगी।
अगस्त और सितंबर में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, और WTI में इस साल अब तक लगभग 18% की गिरावट आई है। यह गिरावट इस बढ़ती चिंता के कारण हुई है कि वैश्विक आपूर्ति मांग से आगे निकल जाएगी और कई वॉल स्ट्रीट बैंकों का अनुमान है कि वायदा कीमतें फिर से 50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच जाएंगी।