कच्चे तेल की भाव में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिल रही है। 1 हफ्ते में ब्रेंच 5 फीसदी से भी ज्यादा फिसला है। आज 83 डॉलर के नीचे ब्रेंट क्रू्ड में कारोबार कर रहा है। वहीं WTI हफ्तेभर में करीब 5% तक लुढ़का है। 76 डॉलर के नीचे आज WTI क्रूड में कारोबार कर रहा है। घरेलू बाजार की बात करें तो एमसीएक्स पर कच्चा तेल 6250 रुपये के नीचे लुढ़का है।
जानिए क्यों बना कच्चे तेल में दबाव
दरअसल डॉलर में रिकवरी से कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। डॉलर इंडेक्स 102 के करीब पहुंचा है। यूएस की इवेंटी लगातार 6वें हफ्ते बढ़ी है। और जून 2021 के बाद सबसे ज्यादा रही है। इस बीच यूरोपीय संघ क्रूड ऑयल के इंपोर्ट पर प्रतिबंध और रूसी कच्चे तेल पर G7 की प्राइस लिमिट के बाद रूसी कच्चे तेल की कमी की भरपाई की कोशिश कर रहा है। हाल के महीनों में यूरोप को एक्सपोर्ट किए जा रहे अमेरिकी कच्चे तेल की मात्रा में काफी बढ़ोतरी हुई है । चीन से क्रूड मांग बढ़ने की अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़े आए है। ओपेक अपने पुराने उत्पादन पर कायम है।
एक हफ्ते में अब तक ब्रेंट की कीमतों में 5 फीसदी की गिरावट आयी है जबकि बीते हफ्ते 2 फीसदी फिसलने के बाद WTI क्रूड में 5 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं एमसीएक्स पर कच्चा तेल 5 फीसदी टूटा है।
इस बीच COMEX पर 9 महीनों की ऊंचाई से सोना फिसला है। आज COMEX पर सोना 1930 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं 2 फरवरी को COMEX सोने की ऊंचाई $1959 थी। MCX पर सोने का भाव 58847 की ऊंचाई से गिरा है जबकि और यह 57,820 के नीचे कारोबार कर रहा है। जबकि चांदी 72769 की ऊंचाई से गिरकर 70400 के नीचे कारोबार कर रहा है।
सोने-चांदी में दबाव के कारण
डॉलर की मजबूती से कीमतों पर दबाव बना है। आज डॉलर इंडेक्स में 102 के पास कारोबार हो रहा है। यूएस के कमजोर आर्थिक आंकड़ों का असर सोने-चांदी की चाल पर देखने को मिल रहा है। BoE, ECB ने 0.50% दरों में बढ़ोतरी की देखने को मिली। अमेरिका के नॉनफॉर्म पेरोल डेटा का इंतजार है।