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कमोडिटी मार्केट में करनी है ट्रेडिंग तो इन बातों का ना करें नजरअंदाज

ब्रोकर का चुनाव करने से लेकर सौदा लेने तक की पूरी डिटेल्स पर बात होगी।

MoneyControl Newsअपडेटेड May 18, 2021 पर 5:32 PM
कमोडिटी मार्केट में करनी है ट्रेडिंग तो इन बातों का ना करें नजरअंदाज

अगर आप कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं या फिर ट्रेडिंग शुरु करने का मन बना रहे हैं तो आज के खास एपिसोड में हम आपको कमोडिटी में कारोबार से जुड़ी हर बारीकियां बताने वाले हैं।  ब्रोकर का चुनाव करने से लेकर सौदा लेने तक की पूरी डिटेल्स पर बात होगी। साथ ही कमोडिटी एक्सचेंज किस तरह से काम करता है और BUY/SELL की स्थिति में भुगतान और डिलिवरी को लेकर क्या नियम हैं, इसपर भी चर्चा करेंगे।

कमोडिटी ट्रेडिंग के लिए गाइडलाइंस

कमोडिटी में सिर्फ एक्सचेंज में रजिस्टर्ड ब्रोकर के जरिए ही ट्रेडिंग करें। ट्रेडिंग शुरू करने से पहले KYC करना जरूरी होता है। सभी ट्रेड Unique Client Code के जरिए करना चाहिए। अपना मोबाइल नंबर और E-Mail जरूर रडिस्टर्ड करें। SMS, E-Mail के जरिए एक्सचेंज ट्रेड की जानकारी देता है।  एक्सचेंज की वेबसाइट पर ट्रेड वेरिफिकेशन की सुविधा भी मिलती है।

इन बातों का रखें ध्यान

मार्जिन भुगतान समय पर करें, ब्रोकर से रसीद जरूर लें। BUY/SELL पर कमोडिटी/रकम का भुगतान समय पर करें। ब्रोकर से कमोडिटी/पैसे के भुगतान का दस्तावेज जरूर लें। दस्तावेज में तारीख, Commodity Quantity लिखी होती है।  बैंक/रीमैट में जमा फंड और वेयरहाउस रसीद भी चेक करें।


एक्सचेंज कैसे करता है काम

BUY/SELL पर एक कामकाजी दिन में भुगतान/डिलीवरी होता है। 24 घंटे के अंदर एक्सचेंज हर ट्रेड की डिटेल्स भेजता है।   एक्सचेंज ये डिटेल्स SMS, E-Mail के जरिए ट्रेड डिटेल्स भेजता है। एक्सचेंज हर 7 कामकाजी दिन में वीकली स्टेटमेंट देता है। वीकली स्टेटमेंट में फंड बैलेंस/डिलीवरी डिटेल्स होती है।  ट्रेड डिटेल्स गलत होने पर 15 दिन में शिकायत की सुविधा मिलती है।  ब्रोकर समाधान नहीं निकाले तो एक्सचेंज में शिकायत करें। अगर किसी कारणवंश एक्सचेंज के समाधान से संतुष्ट ना होने पर SEBI में जाएं।

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