Edible Oil: 27 जून तक के आंकडों के मुताबिक देश में खाने के तेल की बुआई बढ़ी है, लेकिन परेशानी की बात ये कि उसी के साथ देश में खाने के तेल की मांग लगातार 2-3 महीनों से गिर रही है। देश में खाने के तेल की मांग घट रही है। बीते 2-3 महीने में खाने के तेल की मांग में गिरावट आई। देश में खपत 18 किलो प्रति व्यक्ति है। PM ने लोगों से खपत को 19% घटाने की अपील की थी। अप्रैल, मई में इंपोर्ट में गिरावट ई।
अप्रैल 2025 में खाने के तेल का इंपोर्ट 32 फीसदी गिरा है जबकि मई में इसमें 22 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रहा है।
देश में खाने के तेल का इंपोर्ट आंकड़ों पर नजर डालें तो दिसंबर 2024 में 12.31 लाख टन खाने का तेल इंपोर्ट हुआ था जबकि जनवरी 2025 में 10.49 लाख टन, फरवरी 2025 में 9 लाख टन, मार्च 2025 में 9.98 लाख टन खाने के तेल का इंपोर्ट हुआ था। जबकि अप्रैल 2025 में घटकर 8.92 लाख टन और मई 2025 में 11.87 लाख टन के तेल का इंपोर्ट हुआ।
देश में सरसों के उत्पादन आंकड़ों पर नजर डालें तो 2019-20 में 91.24 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ जबकि साल 2020-21 में 102.10 लाख टन, 2021-22 में 119.63 लाख टन, 2022-23 में 126.43 लाख टन और 2024-25 में 126.06 लाख टन उत्पादन हुआ।
SEA ऑफ इंडिया के ईडी डॉ.बी. वी. मेहता का कहना है कि बुआई में 50 फीसदी तक की बुआई हो गई है। तेलों के कंज्मशन में गिरावट सिक्लिकल कारणों से आई है। वहीं कीमतों में बढ़त भी इसका मुख्य कारण है। वहीं पैकिंग के बदलते चलन के कारण भी खाने के तेल की मांग गिरी है।