Edible Oil: सूत्रों के मिली जानकारी के मुताबिक इंडस्ट्री ने जुलाई सितंबर के लिए CPO का ऑर्डर कैंसल किया है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय रिफायनर्स ने ऑर्डर कैंसर किया। जुलाई-सितंबर के लिए ऑर्डर कैंसल किया। 65,000 मीट्रिक टन CPO का ऑर्डर कैंसल किया है। सूत्रों के मुताबिक कीमतों में अचानक उछाल से ऑर्डर कैंसल हुआ है। 3 दिनों में रिफायनर्स ने कैंसल ऑर्डर किया।
एक हफ्ते में पाम ऑयल 7% से ज्यादा चढ़ चुका है। एक महीने पहले 8 महीनों के निचले स्तर पर पाम ऑयल के दाम थे। $1000-1050/टन की कुल कीमत पर खरीद हुई थी । अमेरिका बायोफ्यूल के प्रस्ताव से पाम के दाम चढ़े है। मई में 6 महीनों में सबसे ज्यादा पाम का इंपोर्ट हुआ था।
खाने के तेल नहीं बिगाड़ेगा खेल?
सरकार के आदेश के बाद खाने के तेल के दाम घटे है। आदेश के बाद कंपनियों ने तेल के दाम घटाए। कंपनियों ने MRP, प्राइज टू डिस्ट्रीब्यूटर (PTD) में की कटौती की है। सरकार ने 30 मई को ड्यूटी घटाई थी। ड्यूटी को 20% से घटाकर 10% हुई थी। 11 जून को सरकार ने इंडस्ट्री के साथ बैठक की थी।
1 महीने में खाने का तेल के दाम पर नजर डालें तो मूंगफली के दाम 1 महीने में 1 फीसदी चढ़ा है जबकि सोया, सनफ्लावर में 1 फीसदी की गिरावट आई। वहीं पाम में 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिला। वहीं सरसों की कीमत 1 महीने में 1 फीसदी चढ़ा है।
अमेरिका के बायो फ्यूल प्रस्ताव से भी कीमतों में तेजी आई
सनविन ग्रुप के संदीप बाजोरिया का कहना है कि सीपीओ का भाव 12-13 फीसदी बढ़ गया है। अमेरिका के बायो फ्यूल प्रस्ताव से भी कीमतों में तेजी आई। वेज ऑयल में भाव 70- 80 डॉलर बढ़ गया है। अभी भी पाम ऑयल का मेन सीजन है। मलेशिया, इंडोनेशिया में जमकर पाम ऑयल का उत्पादन हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि 20% वेज ऑयल अब बायो फ्यूल के लिए इस्तेमाल होगा। अमेरिकी के नए प्रस्ताव से खाने के तेल की कीमतों में तेजी आई । महंगा होने से सोयाबीन का इंपोर्ट देश में घटेगा। संदीप बाजोरिया ने आगे कहा कि अक्टूबर-नवंबर में सन ऑयल का भाव 1120 डॉलर हो गया है। सनफ्वायर का भाव भी 1200 डॉलर के पास बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि 70000-80000 मीट्रिक टन का ऑर्डर कैंसल होना आम बात है। इंडियन इंपोर्ट्स में बहुत ज्यादा फर्क देखने को नहीं मिलेगा।