आजकल किसान सिर्फ पारंपरिक खेती नहीं, बल्कि नई-नई फसलों की खेती भी करने लगे हैं। इनमें मटर की खेती एक अच्छा विकल्प बन चुकी है। मटर सर्दियों में उगने वाली एक महत्वपूर्ण सब्जी है, जिसकी बाजार में काफी मांग होती है। इसकी मांग के कारण मटर किसानों के लिए एक लाभकारी फसल बन गई है। मटर की खेती के लिए ज्यादा पानी वाली और अच्छे जल निकासी वाली मिट्टी की जरूरत होती है। यह सब्जी अच्छी कीमत पर बिकती है, क्योंकि यह ताजगी और मिठास के लिए जानी जाती है। मटर की खेती करने से किसानों को कम समय में अच्छा मुनाफा मिलता है।
खासकर अगर किसान मटर की सही किस्म और खेती की सही प्रक्रिया अपनाते हैं, तो उन्हें इससे अच्छा लाभ मिल सकता है। मटर की खेती अब किसानों के लिए एक आकर्षक और फायदेमंद विकल्प बन चुकी है।
किसान को हुआ अच्छा मुनाफा
लोकल 18 से बात करते हुए बाराबंकी के फतहाबाद गांव के किसान हरिशंकर वर्मा ने मटर की खेती की शुरुआत की और इसमें अच्छा लाभ कमाया। उन्होंने दो बीघे में मटर की खेती की और इससे उन्हें करीब 60,000 से 70,000 रुपये का मुनाफा हुआ। हरिशंकर वर्मा का कहना है कि वे मटर के अलावा टमाटर, लहसुन, प्याज जैसी अन्य सब्जियां भी उगाते हैं, जिससे अच्छा मुनाफा मिलता है।
टोयोटा मटर की किस्म का लाभ
किसान हरिशंकर मटर की "टोयोटा" किस्म की खेती कर रहे हैं, जो अन्य किस्मों से ज्यादा पैदावार देती है और यह अधिक मिठी होती है। इसके कारण बाजार में इसकी कीमत भी अधिक मिलती है। यह किस्म केवल 15 दिन में तैयार हो जाती है, जिससे किसानों को कम समय में अच्छा मुनाफा होता है।
मटर की खेती करना आसान है। सबसे पहले खेत की दो से तीन बार अच्छी जुताई की जाती है। फिर गोबर की खाद डालकर खेत को समतल किया जाता है और खुरपी से लाइन टू लाइन बुवाई की जाती है। बुवाई के बाद, 15 से 20 दिन में पौधे निकल आते हैं, और फिर सिंचाई की जाती है। लगभग 55 से 60 दिन में मटर की फलियां आ जाती हैं, जिन्हें तोड़कर किसान प्रतिदिन बाजार में बेच सकते हैं।
मटर की खेती में कम समय में अच्छा मुनाफा मिलता है, क्योंकि यह जल्दी तैयार होती है और इसकी मांग बाजारों में हमेशा बनी रहती है। यह फसल किसानों के लिए एक लाभकारी और आसान विकल्प बन चुकी है।